आयुर्वेदिक अधिकारी का एक दिन का वेतन रोका
जन सुनवाई में न पहुंचने पर डीएम ने दिए निर्देश
संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपी उत्तरों गांव में हुए मनरेगा कार्यों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। जिला सभागार में आयोजित जन सुनवाई में डीएम ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, भूमि का मुआवजा और मनरेगा मजदूरी के भुगतान से जुड़ी 22 शिकायतें दर्ज कीं। जन सुनवाई में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के न आने पर डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
पोखरी ब्लाक के उत्तरों गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को गांव में मनरेगा के तहत हुए विभिन्न कार्यों की जांच के निर्देश दिए। उर्गम घाटी के जनप्रतिनिधियों ने भेंटा-भर्की-उर्गम मार्ग निर्माण में हो रही देरी तथा हेलंग-उर्गम मार्ग के डेंजर जोन पर मरम्मत कार्य करने की मांग उठाई। इस पर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने पीएमजीएसवाई के ईई को शीघ्र सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने, डेंजर जोन पर सुरक्षात्मक कार्य पूरा कराने, उर्गम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र चिकित्सक की तैनाती के निर्देश दिए। मैठाणा गांव निवासी देवी प्रसाद सती ने कहा कि बदरीनाथ हाईवे के चौड़ीकरण कार्य में निर्माण शाखा की ओर से उनकी कृषि भूमि को बंजर भूमि दर्शाया गया है। इस पर डीएम ने एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। जन सुनवाई में संयुक्त मजिस्ट्रेट आकांक्षा वर्मा, एडीएम एमएस बर्निया, एसडीएम बुसरा अंसारी, लोनिवि के एसई जीसी आर्य, परियोजना अधिकारी प्रकाश रावत और कोषाधिकारी दीपक चंद्र भट्ट आदि मौजूद थे।