थर्टी फर्स्ट का जश्न मनाने के लिए औली और जोशीमठ में इस बार पर्यटकों का हुजूम उमड़ा है। जीएमवीएन के साथ ही औली के सभी छोटे-बड़े होटल और हट्स शनिवार को फुल रहे। देर शाम स्थिति यह रही कि पर्यटकों को जब औली में रात्रि विश्राम के लिए जगह नहीं मिली तो उन्हें जोशीमठ लौटना पड़ा। रात तक भी औली के व्यू प्वाइंट में पर्यटकों की खूब चहल-पहल रही। जोशीमठ बाजार में भी अधिकांश होटल फुल रहे।
तपोवन, कांचुलाखर्क, चोपता, मंडल, गोपेश्वर सहित अन्य पर्यटक स्थलों में शनिवार देर शाम तक पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी रहा। बीते वर्ष थर्टी फर्स्ट के जश्न के लिए जहां औली में 350 पर्यटक पहुंचे थे, वहीं इस बार यहां 400 से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। मुंबई से औली में थर्टी फर्स्ट मनाने आए अनंत ओबराय, मयंक और तुलसी का कहना है कि ऐसा पर्यटक स्थल कहीं नहीं देखा है। यहां ऊंची-ऊंची पर्वत चोटियां और आवो हवा मन को सुकून देती है।
दो दिनों से औली में ही घूम रहे हैं। दिल्ली के शेखर शर्मा और चंद्रकला का कहना है कि औली में बर्फ न होने से थोड़ी मायूसी मिली है। दिल्ली के ही दिग्विजय कहते हैं कि औली के बारे में जितना पढ़ा और सुना यह उससे भी खूबसूरत है। सोचा था औली में बर्फ मिलेगी लेकिन यहां से बर्फ देखने की हसरत पूरी नहीं हो पाई है। ट्रैकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुंवर का कहना है कि पहली बार थर्टी फर्स्ट पर औली में पर्यटकों की इतनी भीड़ देखी है।
नहीं दिखा नोटबंदी का असर, बाजार हुए गुलजार
मौसम की बेरुखी से इस बार जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं हुई है। साथ ही नोटबंदी से भी पर्यटन व्यवसाय के प्रभावित होने की आशंका थी। इसके बाद भी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों का हुजूम उमड़ा है। थर्टी फर्स्ट के जश्न के लिए पर्यटकों में उत्साह बना है।
होटल व्यवसायी विक्रांत रावत, जगदीश फोनिया और संजय कुंवर का कहना है कि पर्यटकों की चहल-पहल से जोशीमठ बाजार गुलजार हो गया है। आने वाले दिनों में बर्फबारी हुई तो पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।