पीएमजीएसवाई पोखरी की ओर से सात किमी सड़क पर किया जा रहा पैचवर्क
ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। मोहनखाल-ताली सड़क पर चल रहे पैचवर्क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर बिछाया गया डामर तीन दिन में ही उखड़ने लगा है। पीएमजीएसवाई पोखरी की ओर से सड़क के सात किलोमीटर हिस्से में पैचवर्क किया जा रहा है।
थाला गांव निवासी देवी प्रसाद थपलियाल और मुकेश थपलियाल ने बताया कि ब्राह्मण थाला के बुडाकट्ठा तोक में तीन दिन पूर्व बिछाया गया डामर उखड़ने लगा है। आरोप लगाया कि डामर बिछाने के बाद रोलर नहीं चलाया जा रहा है और डामर डालने के तुरंत बाद उस पर रेत डालकर काम पूरा किया जा रहा है। इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सड़क से थाला सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं लेकिन सड़क शुरुआत से ही उबड़-खाबड़ बनी हुई है। इधर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने कहा कि सड़क पर पैचवर्क किया जा रहा है और मौके पर रोलर भी मौजूद है। कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जहां डामर उखड़ रहा है वहां दोबारा काम कराया जाएगा।
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तीन माह से बंद पड़ा सुतोल मार्ग, ग्रामीण चार किमी चल रहे पैदल
नंदप्रयाग। सुतोल मार्ग पिछले तीन माह से क्षतिग्रस्त पड़ा है। सड़क के 47वें किलोमीटर में मलबा आने और भूधंसाव के कारण वाहनों की आवाजाही ठप है। इससे सुतोल गांव के करीब 120 परिवारों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
कमल सिंह नेगी ने बताया कि बीते 22 जुलाई को भारी बारिश के दौरान सड़क पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ था। तब से कार्यदायी संस्था ने मार्ग को सुचारु नहीं किया है। कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि सुतोल गांव को जोड़ने वाले मोटर मार्ग को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। अधिक भूस्खलन होने के कारण अभी तक मार्ग को सुचारु नहीं किया जा सका है।