केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऑलवेदर रोड परियोजना बदरीनाथ हाईवे पर एक मौसम भी नहीं झेल पाई है। स्थिति यह है कि बारिश से हाईवे पर हाल ही में निर्मित करोड़ों के पुश्ते धराशाई हो गए हैं। साथ ही कहीं सड़क धंस गई है, जिससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है।
ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य का जिम्मा गौचर से हेलंग तक एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास निगम) और हेलंग से माणा तक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास है। हेलंग तक करीब नब्बे फीसदी चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य हो गया है। यहां चटबापीपल, पंचपुलिया, कालेश्वर, लंगासू, बाजपुर, क्षेत्रपाल, बिरही चाड़ा, चमोली चाड़ा, कौड़िया, पाखी और हेलंग में दीवार निर्माण, कॉजवे और चट्टान कटिंग कार्य चल रहा है। मारवाड़ी से कंचनगंगा तक अभी हिल कटिंग कार्य चल रहा है। कहीं पुश्तों का निर्माण हो रहा है।
इस बरसात में बदरीनाथ हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। कर्णप्रयाग में हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। पुरसाड़ी में भी पुल के समीप सीमेंट का पुश्ता टूट चुका है। यहां डामरीकरण कार्य भी पूर्ण हो गया था। लामबगड़ के समीप बेनाकुली में भी करीब 20 मीटर का सीमेंट का पुश्ता भारी बारिश के दौरान टूट गया है। इन जगहों पर भारी वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। पाखी से टंगणी के बीच कई जगहों पर हाईवे धंस गया है। मारवाड़ी से टैय्या पुल तक हाईवे बेहद तंग हालत में पहुंच गया है। यहां बीआरओ की ओर से हिल कटिंग की गई। बरसात में चट्टानी भाग से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से हाईवे बेहद संकरा हो गया है। बाजपुर में भी हिल कटिंग से हाईवे खस्ता हालत में है। लोगों का कहना है कि एनएच की ओर से अनियोजित कटिंग की जा रही है, जिससे पहाड़ियां धंस रही हैं। करोड़ों के पुश्तों का निर्माण में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है।
चटख धूप में छिटक रहे पत्थर
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर जहां-जहां ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत चट्टान और पहाड़ियों पर कटिंग हुई है, वहां चटख धूप में पत्थर छिटक रहे हैं। बिरही चाड़ा में चट्टान पर हाल में कटिंग हुई है, यहां रह-रहकर पत्थर हाईवे पर गिर रहे हैं। इससे कई वाहनों के शीशे भी चकनाचूर हो गए हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि बाजपुर, छिनका, बिरही चट्टान सहित अन्य जगहों पर मशीनों की कटिंग से चट्टानों पर पत्थर झूल रहे हैं। बारिश के साथ ही चटख धूप में भी चट्टानों से पत्थर हाईवे पर गिर रहे हैं।
बरसात में कई बड़े प्रोजेक्ट धराशाई हो जाते हैं। बदरीनाथ हाईवे पर जहां-जहां नुकसान हुआ है, उसे ठीक करवा लिया जाएगा। ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य पूर्ण होने के चार साल तक हाईवे की मेंटीनेंस का जिम्मा ठेकेदार के पास रहेगा। हाईवे को सुरक्षित और सुगम बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
-संदीप कार्की, जनरल मैनेजर, एनएचआईडीसीएल, नंदप्रयाग, चमोली