भू-धंसाव के दौरान आंदोलन करने पर पुलिस ने 21 लोगों पर दर्ज किया था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। वर्ष 2023 में नगर में आई आपदा के दौरान आंदोलन करने पर पुलिस की ओर से आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। अदालत ने मंगलवार को सभी 21 आंदोलनकारियों को मामले में दोषमुक्त कर दिया। आंदोलनकारियों ने इसे सत्य की जीत बताते हुए अदालत का आभार जताया।
ज्योतिर्मठ में 2023 में भू-धंसाव के दौरान जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने कई दिनों तक आंदोलन किया था। नगर क्षेत्र से तहसील परिसर तक रैली निकलने के साथ मशाल जुलूस आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसको लेकर ज्योतिर्मठ पुलिस ने विभिन्न आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए थे। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने बताया कि आपदा के दौरान नगर को बचाने व प्रभावितों के हकहकूक की लड़ाई लड़ी गई। दो साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिर्मठ अनिल कुमार कोरी की अदालत ने सभी 21 आंदोलनकारियों को दोषमुक्त कर दिया है। कहा कि यह जन-संघर्ष की जीत है।
बैंक मैनेजर से मारपीट मामले में पति-पत्नी बरी
गोपेश्वर। बैंक मैनेजर के साथ मारपीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अदालत ने पति-पत्नी को बरी कर दिया है।
मामला चार अप्रैल 2024 का है। भारतीय स्टेट बैंक की बाटुला पीपलकोटी शाखा मैनेजर सोनाली चौधरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा कि मायापुर निवासी प्रदीप चंद्र पुरोहित और उनकी पत्नी बिंदु पुरोहित ने बैंक शाखा में आकर उनके साथ मारपीट की। गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पाठक की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों में अंतरर्विरोध और सीसीटीवी फुटेज की अस्पष्टता के कारण अदालत ने प्रदीप चंद्र पुरोहित और उनकी पत्नी बिंदु पुरोहित को मामले में दोषमुक्त करार दिया। संवाद