जिले के पर्यटन स्थल सोमवार को भी पर्यटकों से गुलजार रहे। औली में सैलानियों ने ढलानों पर स्कीइंग का मजा लिया। औली रोड पर कवांण बैंड से आगे बर्फ जमी होने के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही बंद है, जबकि बड़े वाहन भी रेंगकर चल रहे हैं। बदरीनाथ धाम में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
देश के अंतिम गांव माणा से हनुमान चट्टी तक कई जगहों पर अलकनंदा नदी जम गई है। खचड़ा नाले के पास दूध गंगा का पानी भी जम गया है।
गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ मोटर मार्ग पर कांचुलाखर्क से आगे सड़क पर बर्फ की मोटी चादर बिछी है, जिससे वाहनों की आवाजाही बंद है। निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी और झींझी गांवों को जाने वाले पैदल रास्ते बर्फ के कारण बंद पड़े हैं। ग्रामीण मोहन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में खाद्यान्न और अन्य जरूरी वस्तुओं का कोई संकट नहीं है, लेकिन बर्फबारी फिर से होती है तो आवाजाही में दिक्कतें आ सकती हैं।
क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। जोशीमठ ब्लॉक में उर्गम घाटी और सलूड़-डुंग्रा क्षेत्र में भी कड़ाके की ठंड के कारण पेयजल लाइनें जम गई हैं।