राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली में नंदा अष्टमी के पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ छह साल बाद माता चंडिका को अपने मूल मंदिर से पैता मंदिर में प्रतिष्ठापित किया गया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
आचार्यों द्वारा शुक्रवार सुबह से दुर्गा सप्तशती पाठ सहित अन्य पूजाएं संपादित कर यज्ञ आदि की प्रक्रियाएं संपादित की। दोपहर को सिमली, सैनु, सुंदरगांव, जाख, कोली, पुड़ियाणी आदि गांवों के श्रद्धालु जयकारों के साथ माता के मंदिर में पहुंचे।
मंदिर में पूजा अर्चना के बाद माता चंडिका की डोली के साथ श्रद्धालु सिमली बाजार में स्थित माता के खेत में नए अनाज की बाली (पाती) लेकर आए। यहां खेती में पाती की पूजा अर्चना की गई। अपरान्ह तीन बजे देवी की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा अर्चना की गई और फिर माता चंडिका को दिवारा यात्रा के छह साल बाद मूल मंदिर से पैता मंदिर में प्रतिष्ठापित किया गया।
इस दौरान देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख और समृद्धि के लिए आर्शीवाद दिया। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष नथा सिंह नेगी, पुजारी हरी प्रसाद गैरोला, महानंद गैरोला, कृष्ण गैरोला, प्रदीप गैरोला, सिमली के प्रधान जोत सिंह लडोला, वीरेंद्र सिहं लडोला, महिपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, ग्राम प्रधान सतेश्वरी देवी, प्रेम सिंह बिष्ट सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
देवराड़ी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रानीगढ़ पट्टी के देवल गांव में आयोजित देवराड़ी मेले के दूसरे दिन माता की पूजा अर्चना और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेला शुरू हुआ। शुक्रवार को मेले में बतौर मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि इन धार्मिक मेलों के आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक धरोहर सरंक्षित है।
मेले में महिला मंगल दल दुआ, कांडा, देवल, नलगांव, बरतोली, ढ़मढ़मा, चौरड़ा, खरसांई, गैथी, पाडली आदि गांवों की महिलाओं के चौफला, मांगल गीत सराहनीय रहे। छात्र-छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी संजय देवली, कमलेश देवली, राजेंद्र प्रसाद, रमेश सिदोला, नरेश चंद्र सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
देवी को चढ़ाई नये अनाज की बाली
कर्णप्रयाग के मैखुरा, थराली, आदिबदरी और डिम्मर गांवों में ग्रामीणों ने पूजा अर्चन कर नंदाष्टमी को माता चंडिका और भगवती को नए अनाज की बाली चढ़ाकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मैखुरा में माता चंडिका की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पाती पूजा संपादित की गई।
इस मौके पर देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष डा. एपी मैखुरी, ग्राम प्रधान राकेश लाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य दमयंती देवी आदि मौजूद थे।
वहीं आदिबदरी के खेती गांव में बृहस्पतिवार को रात्रि जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर शुक्रवार को नवनिर्मित देवी मंदिर में देवी की मूर्ति को प्रतिष्ठापित किया गया। इस मौके पर आयोजित भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ग्रामीणों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विजय चमोला, विनोद सिंह नेगी सहित रंडोली, खेती मालसी, सुगड़ आदि गांवों के श्रद्धालु मौजूद थे।