कर्णप्रयाग। मुख्य बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक आचार्य शक्ति प्रसाद देवली ने श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि जब भी त्रिभुवन में धर्म की हानि होती है भगवान श्रीहरि विष्णु ने विभिन्न युगों में अवतार लेकर असुरों का संहार कर भक्तों की रक्षा की। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर आयोजकों और भक्तों ने नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..., किशन जी नंद के घर जन्मे घराना हो तो ऐसा हो..., कृष्ण भयो अवतार हीरा चमक रहा है... आदि भजन गाए और श्रीकृष्ण की भव्य झांकी निकाली। इसके बाद 56 भोग अर्पित कर विश्व के कल्याण की कामना की। अनुष्ठान में पंडित गोवर्धन प्रसाद डिमरी, दिवस्पति खंडूड़ी, कांति प्रसाद गैरोला, संगीतज्ञ मोहित सती, डाॅ. मदन मोहन आदि मौजूद रहे। संवाद