गढ़वाल। विभिन्न कारणों से पंचायतों में रिक्त पदों पर हुए उपचुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। यमकेश्वर विकासखंड के शीला बीडीसी सीट के लिए महावीर सिंह ने विमल रतूड़ी को 94 वोट से पराजित किया। महावीर को 239 और विमल को 145 वोट मिले। इस सीट पर कुल पांच प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। यह सीट पूर्व में जीतीं मीरा रतूड़ी के इस्तीफे से रिक्त हुई थीं।
जयहरीखाल। ग्राम पंचायत जलेथा में इंद्र सिंह ने 17 मतों से ग्राम प्रधान के पद पर जीत हासिल की। इंद्र सिंह को 87 वोट पडे़, जबकि दूसरे स्थान पर रहे जितेंद्र सिंह को 70 वोट मिले। जलेथा ग्राम पंचायत पहले अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने से वहां चुनाव नहीं हो पाए थे। संशोधन के बाद यह सीट सामान्य वर्ग के लिए हुई। विकासखंड सभागार में बीडीओ महावीर सिंह की अध्यक्षता में हुई मतगणना में प्रत्याशी के निर्वाचन की घोषणा के बाद उन्हें शपथ दिलाई गई।
नरेंद्रनगर (टिहरी)। ग्राम पंचायत ओडाडा के प्रधान पद पर बचन सिंह रावत ने 22 मतों से जीत दर्ज कर 11 साल बाद वापसी की है। वह 1982 से 2003 तक लगातार गांव के प्रधान रहे। ओडाडा गांव में ओबीसी गलत आरक्षण होने से जून में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय स्थगित किया गया था।
जखोली। भणगा-रहड़ में ग्राम पंचायत प्रधान के उप चुनाव में कौशल्या देवी ने महेश्वरी देवी को 25 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। विजयी प्रत्याशी को 130 मत मिले। 89 मतों के साथ संगीता देवी तीसरे स्थान पर रही। जून माह में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद पर ओबीसी महिला सीट आरक्षित की गई थी। ओबीसी का एक भी परिवार नहीं होने से यह पद रिक्त रहा।
फिर खाली रह गए वार्ड मेंबर के 36 पद
उत्तरकाशी। ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर उपचुनाव के बाद भी जिले में 36 पद खाली रह गए जबकि 36 पदों पर निर्विरोध वार्ड मेंबर चुने गए। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य के 72 पद रिक्त रह गए थे। निर्वाचन विभाग ने इन पदों पर उपचुनाव कराए। सहायक निर्वाचन अधिकारी वाईएल कपूर ने बताया कि 36 पदाें के लिए एक-एक नामांकन आने से इन पर निर्विरोध चुनाव हो गया। शेष पदों के लिए कोई नामांकन न होने से विभिन्न ग्राम पंचायतों में वार्ड मेंबर के 36 पद फिर रिक्त रह गए हैं।
आनंद, सुशीला, मातवर और दलीप बने प्रधान
देवाल/कर्णप्रयाग। देवाल के ग्राम पंचायत बानुड़ी में ग्राम प्रधान पद पर हुए चुनाव में आनंद वल्लभ कुनियाल निर्वाचित हुए, जबकि कर्णप्रयाग के ग्राम पंचायत बैनोली में सुशीला देवी निर्वाचित हुईं। ग्राम पंचायत बानुड़ी को पंचायत राज विभाग की ओर से प्रधान के पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था। इस जाति का एक भी व्यक्ति इस ग्राम पंचायत में नहीं रहता और न ही मतदाता सूची में अनुसूचित जाति के लोगों का नाम दर्ज है। बाद में यह सीट सामान्य हुई। दूसरी ओर कर्णप्रयाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत बैनोली में निर्वाचित प्रधान के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट पर नौ दिसंबर को मतदान हुआ।
जोशीमठ (चमोली)। शुक्रवार को हुई मतगणना में मातवर सिंह को लंगसी और दलीप सिंह को कलगोठ का प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया। हुए।