जोशीमठ (चमोली)। ब्लाक सुनील, परसारी, मेरग, बड़ागांव सहित ऊंचाई वाले गांवों में फलदार पौधों पर फैल रहे परजीवी (फसलों में लगने वाला कीड़ा) से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि परजीवी के लगने से पौधे के विकास और उत्पादन क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्र में परजीवी के फैलने की जानकारी उद्यान विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से परजीवी से पौधों के बचाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। अब अखरोट, खुमानी के पौधों के साथ ही सेब की फसल खराब होने की कगार पर है।
किसानों उमराव सिंह, नरेंद्र सिंह, कर्ण सिंह और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यदि समय रहते परजीवी से बचने के उपाय नहीं किए गए तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना होगा। श्रीनगर गढ़वाल विवि के वानिकी विभाग के डा. अजीत नेगी का कहना है कि इस तरह के परजीवियों की 11 प्रजातियां हैं। ये ज्यादातर बांज के पेड़ों पर पनपती हैं। वहां से हवा में उड़कर ये अन्य पौधों पर फैल जाती हैं। इसकी रोकथाम के लिए परजीवी ग्रस्त शाखा को काट देना चाहिए। नए पौधे के रोपण से पूर्व सुनिश्चित कर लें कि आसपास कोई परजीवी ग्रस्त पौधा न हो। वहीं जिला उद्यान अधिकारी डीएल शाह ने कहा कि परजीवी के निस्तारण के लिए पौधों पर लाइम सल्फर और कास्टिक सोडे का स्प्रे किया जाता है, जिसके लिए 15 दिसंबर के बाद का समय सही होता है। इसके छिड़काव के बाद पौध बिल्कुल ठीक हो जाएगी।