गोपेश्वर। देश-विदेश में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा चुके महात्मा गांधी शंाति पुरस्कार से सम्मानित चिपको नेता चंडी प्रसाद भट्ट के जीवन चरित्र से अब आम जनता भी रु-ब-रु हो सकेगी। इन दिनों पब्लिक सर्विस ब्रांड कास्टिंग ट्रस्ट (पीएसबीटी) द्वारा गोपेश्वर के विभिन्न स्थानों पर इस शख्सियत पर डाक्यूमेंटरी फिल्म बनाई जा रही है। चिपको आंदोलन की संघर्ष गाथा को भी कैमरे में कैद किया जा रहा है।
शनिवार को चंडी प्रसाद भट्ट के पैतृक घर से दशोली ग्राम स्वराज मंडल कार्यालय तक चंडी प्रसाद भट्ट पर फिल्मांकन किया गया। फिल्म के निर्देशक सुमित खन्ना ने बताया कि पहली बार चंडी प्रसाद भट्ट पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना है। भट्ट के जीवन से जुड़ी हर कड़ी को फिल्म में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिपको आंदोलन पर आज तक सिर्फ साहित्य लिखे गए हैं, जिसे पढ़ने में नई पीढ़ी कम रुचि ले रही है। फिल्म के माध्यम से चिपको आंदोलन से लेकर गांधी विचारधारा को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए यह डाक्यूमेंट्री फिल्म तैयार की जा रही है। फिल्म का प्रदर्शन दूरदर्शन पर किया जाएगा। निर्देशक सुमित ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि चिपको आंदोलन से जुडे़ चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के विभिन्न हिस्सों में भी फिल्मांकन किया जाएगा। उन जंगलों के चिपको के दौरान की स्थिति और वर्तमान दशा और दिशा पर भी फोकस किया जाएगा। डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने में कैमरा मैन पूजा, सहायक निर्देशक रुचि श्रीवास्तव और साउंड रिकार्डिस्ट विपिन भाटी भी सहयोग दे रहे हैं।
पहले तो मैंने फिल्म निर्माण के लिए मना कर दिया था, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिए यदि यह फिल्म लोगों को जागरूक करने का काम करेगी तो मेरे लिए गौरव की बात है। आज पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है। देश के जिम्मेदार लोगों को इस ओर मजबूती से आगे आने की आवश्यकता है।
चंडी प्रसाद भट्ट, गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित, चिपको नेता