थराली/कर्णप्रयाग। सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के तमाम दावों के बाद भी पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं सुधर नहीं पा रही है। जहां जिले में 98 चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं, वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली एक डाक्टर के भरोसे चल रहा है।
सीएचसी थराली में विशेषज्ञ चिकित्सकों के नौ पदों में से आठ रिक्त चल रहे हैं। वहीं स्टाफ नर्स सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का भी टोटा बना हुआ है। स्थिति यह है कि इन दिनों अस्पताल ग्वालदम और अन्य स्थानों से आए व्यवस्था के चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। दवाई के नाम पर सीएचसी थराली और पीएचसी नारायणबगड़ में मरीजों को पैरासीटामोल तक नहीं मिल रहा है। ग्रामीण भवानी दत्त, विमला देवी, हयात सिंह नेगी, जगदीश चंद्र पंत, कुंदन सिंह आदि का कहना है कि डाक्टर नहीं होने की वजह से लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी प्राइवेट क्लिनिकों में जाना पड़ रहा है।
चिकित्सकाें की कमी के चलते समस्या हो रही है। सभी केंद्रों में दवाईयां पर्याप्त भेजी जा रही है। ऐसे में सीएचसी थराली में मरीजों को नार्मल दवाओं का भी उपलब्ध नहीं होना चिंता की बात है। जानकारी लेकर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डा. अजीत गैरोला, सीएमओ चमोली (गोपेश्वर)