नारायणबगड़ (चमोली)। भारी बारिश और वज्रपात ने चमोली जिले में भारी तबाही मचाई। ग्वालदम राजमार्ग पर नलगांव के समीप मौणा छीड़ा में चट्टान टूटकर एक मैक्स के ऊपर जा गिरी जिसमें दब कर दो बहनों समेत चार लोग जान गंवा बैठे। इसी वाहन में मौजूद एक साल का बच्चा छिटककर दूर गिरने से चमत्कारिक रूप से बच गया। उसे पीएचसी में प्राथमिक उपचार के लिए बाद सीएचसी थराली रेफर कर दिया गया। मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों से आया मलबा ब्लाक मुख्यालय नारायणबगड़ की कई दुकानों में घुस गया। जिससे भारी नुकसान हुआ। सिलोड़ी में कई किसानों के खेत भी बह गए। चमोली और आसपास के इलाकों में बारिश को देखते हुए श्रीनगर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने अलकनंदा तट के आसपास के लोगों से अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी है।
शुक्रवार की दोपहर शुरू हुई तेज बारिश से हाईवे पर बनी पुलिया बह गई। जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिया बहने से देहरादून से थराली जा रही मैक्स (संख्या यूए 07/0992) सड़क किनारे खड़ी थी। तभी ऊपर से चट्टान यमराज बन कर आई। करीब 20 मीटर आकार वाली चट्टान के टूटे हिस्से ने मैक्स को अपनी चपेट में ले लिया। इससे वाहन स्वामी का भाई डांगतोली निवासी त्रिलोक सिंह पुत्र चंद्र सिंह (32) सनेड़ निवासी चालक हीरा सिंह पुत्र धर्म सिंह (28) विनायक निवासी रजनी देवी पुत्री नंदन सिंह (22) और बबली पुत्री नंदन सिंह (18) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रजनी का साल भर का बेटा कान्हा घायल हो गया। सूचना पर प्रशासन और पुलिस की टीम नेस्थानीय व्यापारियों के साथ मिलकर चट्टान के मलबे के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला। उधर, बीआरओ ने भी मार्ग खोलने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
नारायणबगड़ में जोशी रेडीमेड, नेगी इलेक्ट्रिकल, बिष्ट मेडीकोज, बबलू म्यूजिक सेंटर, एसबी टेलर, दीप क्लाथ एम्पोरियम, भारत स्वीट्स सहित अन्य दुकानों में बरसाती मलबा जा घुसा। वहीं मौणा के प्रधान नवीन सिलोड़ी ने बताया कि सिलोड़ी गांव के समीप वज्रपात होने से प्राथमिक विद्यालय की पिछली दीवार टूट गई। तेज पानी में गांव के आधा दर्जन खेत भी बह गए।
चार के नाम एक चेक, चिढ़ा रहे मदद के तौर-तरीके
उत्तरकाशी। आपदा में सरकारी मदद के तौरतरीके भी लोगों को चिढ़ाने लगे हैं। उत्तरकाशी में बीते 3 अगस्त की बाढ़ में कलक्ट्रेट के पास गंगा विहार में चार मंजिला भवन ध्वस्त होने से शिवराज सिंह, रामनाथ, धर्मवीर और गिरिराज परमार नाम के चार भाई परिवार समेत बेघर हो गए थे। प्रशासन ने चारों भाइयों के संयुक्त नाम पर एक लाख रुपये का एक चेक बनाकर बतौर गृह अनुदान दिया गया। चार नामों वाला चेक बैंक ने स्वीकार करने से मना कर दिया।
टिहरी बांध की झील का जलस्तर पहुंचा 812 पार
नई टिहरी। लगातार बारिश से टिहरी बांध का जलस्तर आरएल 812.05 पार कर गया है। बढ़ते जलस्तर से आरएल 835 से ऊपर निवासरत परिवारों की चिंता भी बढ़ने लगी है। भागीरथी नदी से 391.29 और भिलंगना से 156.07 क्यूमेक्स पानी का बहाव दर्ज किया गया। झील से 214 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वर्ष 2010 में टीएचडीसी ने झील का जलभराव आरएल 832 मीटर तक कर दिया था जिससे आरएल 845 तक बसे भवनों पर दरारें आ गई थी।