गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विवि के गोपेश्वर कैंपस परिसर में आयोजित विवि की प्रथम अंतर महाविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता के दूसरे दिन गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी गीतों की धूम मची रही। विभिन्न विद्यालयों की सांस्कृतिक टीमों की प्रस्तुतियों पर छात्र देर शाम तक झूमते रहे। शनिवार को प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
शुक्रवार को अपराह्न दो बजे से हुए कार्यक्रम में सबसे पहले सुगम संगीत, कव्वाली, काव्यपाठ, लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य, तात्कालिक भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुईं। तात्कालिक भाषण में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भारत में अमीरी-गरीबी के बीच बढ़ती खाई, वन्य जीवों के आबादी क्षेत्र में पहुंचने के कारण, रोजगार के लिए बढ़ते पलायन और भारतीय संस्कृति विषय पर अपनी बात बेबाकी रखी। लोकगीत प्रतियोगिता में सांस्कृतिक टीमों ने ऐगे फागुन मैना, खेला होली..., लाली हो लाली हौंसिया..., बैडू पाको बारमासा, हो नारेण काफुल पाको चैता..., नैनीताले की नैना देवी, वंदे मातरम..., जय नंदा माता झुमेलो..., पोस्तों का छुमा मेरी भाग्यानी बौ जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद विवि के कुलपति प्रो. यूएस रावत ने प्रतियोगिता के निर्णायक रहे इंद्रेश मैखुरी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कुलपति प्रो. रावत ने छात्र-छात्राओं से अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों के संरक्षण को आगे आने को कहा। इस मौके पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, कुलसचिव डा. दीपक भट्ट, सांस्कृतिक प्रभारी डा. हेमंत बिष्ट, कॉलेज के मीडिया कोआर्डिनेटर डा. दर्शन सिंह नेगी, डा. एमके उनियाल, डा. विक्रम शाह, डा. दर्शन सिंह नेगी, डा. दिनेश सती, डा. वीपी पुरोहित, डा. राकेश भट्ट, डा. रमन बहुगुणा, शिव चरण सिंह रावत, सौरभ भाटिया, सुधीर, ममता आदि मौजूद थे।
आज नरेंद्र सिंह नेगी देंगे प्रस्तुति
गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विवि की अंतर महाविद्यालयी सांस्कृतिक प्रतियोगिता में शनिवार को लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी भी अपने गीतों की प्रस्तुति देंगे। शाम पांच बजे प्रतियोगिता का समापन हो जाएगा। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के कार्यक्रम के कारण कैंपस में भीड़ उमड़ने की संभावना है।