गोपेश्वर। कृषि औद्योगिक प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) योजना के तहत कृषि विभाग की ओर से चमोली तहसील प्रांगण में जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ डीएम स्वाति एस भदौरिया ने किया। कृषि विशेषज्ञों ने कृषकों को वैज्ञानिक खेती, कृषि और बागवानी की जानकारी दी। रूपकुंड कलामंच के कलाकारों ने नाटक से काश्तकारों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान कृषि के क्षेत्र में त्रिलोक सिंह और डेयरी के क्षेत्र में सरवेंद्र सिंह के अलावा 17 कृषकों को ब्लाक स्तर पर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए किसान श्री पुरस्कार दिया गया। उन्हें 10-10 हजार रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मेले का शुभारंभ करते हुए डीएम स्वाति एस भदौरिया ने किसानों से मौसम के अनुकूल खेती में भी बदलाव करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि काश्तकार मेले में वैज्ञानिकों से बात कर कृषि संबंधी शंका का भी समाधान कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए केंद्र सरकार ने पीएम किसान निधि योजना लागू की है, जिसके तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। डीएम ने कृषि व उद्यान विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। सीडीओ हंसादत्त पांडे ने कहा कि कृषि उपकरण/यंत्रों पर अस्सी फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री किसान निधि योजना की जानकारी दी। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम के प्रभारी डा. संजय कुमार राठी, कीट विज्ञान विशेषज्ञ डा. जीसी जोशी, आत्मा योजना के निदेशक राम कुमार दोहरे, उप जिलाधिकारी (सदर) बुशरा अंसारी, तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़, आजीविका के परियोजना प्रबंधक प्रीतम भट्ट और अपर कृषि अधिकारी जितेंद्र भास्कर आदि मौजूद थे।
27 से लगेगा हिलांस कृषि मेला
पौड़ी। जिला मुख्यालय पौड़ी में दो दिवसीय कृषि मेले का आयोजन होगा। मेले में खेती-किसानी पर गोष्ठी के अलावा विभिन्न विभागों के स्टॉल में लगाए जाएंगे। मेले में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत लोगों के गोल्डन कार्ड भी बनाए जाएंगे।
विकास भवन सभागार में सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए सुनील कुमार की अध्यक्षता में जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि कंडोलिया मैदान में 27 व 28 फरवरी को हिलांस कृषि मेले का आयोजन होगा। मेले में कृषि, उद्यान, बाल विकास, ग्रामीण विकास विभागों के विभागाध्यक्षों की उपस्थित अनिवार्य होगी। इस दौरान दुग्ध उत्पादन करने वाली स्वयं सहायता समूहों को भी आमंत्रित किया जाएगा। जिले में स्थापित स्थानीय उत्पादों के ब्रांड हिलांस आउटलेट पर स्थानीय सामग्रियां उपलब्ध रहेंगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।