कर्णप्रयाग। ब्लाक के सबसे दुर्गम गांव एंड की राह अब सुगम हो जाएगी। शासन ने एंड गांव के लिए स्वीकृत सड़क के निर्माण के लिए धनराशि की स्वीकृति दे दी है। एंड गांव तक सड़क बनने से ग्रामीणों को पैदल आने-जाने से छुटकारा मिलेगा। अभी ग्रामीण 14 किमी की पैदल दूरी तय करते हैं।
ब्लाक के एंड ग्राम पंचायत में करीब 45 से अधिक परिवार रहते हैं। डेढ़ दशक पूर्व एंड गांव नगर पंचायत में था, लेकिन जरूरी सुविधाओं के न होने से एंड को नगर पंचायत से हटाकर ग्राम पंचायत बनाया गया। ग्रामीण यहां लगातार सड़क की मांग कर रहे हैं। एंड के कुलदीप बिष्ट ने बताया कि एंड के ग्रामीणों का डाकघर, स्कूल, अस्पताल सहित मुख्य बाजार कर्णप्रयाग है। गांव से कर्णप्रयाग की दूरी करीब सात किमी है। ऐसे में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को छोटी सी जरूरत के लिए भी 14 किमी का आवागमन करना पड़ता था। लगातार मांग के बाद वर्ष 2016-17 में यहां चटवापीपल से 10 किमी सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन महज पांच किमी की वित्तीय स्वीकृति मिलने से एंड तक सड़क का सपना अधूरा रह गया। सिरण के पूर्व ग्राम प्रधान प्रमोद नौटियाल ने बताया कि 27 दिसंबर को स्वीकृत सड़क के पांच से 10 किमी तक निर्माण करने के लिए शासन ने 4 करोड़ 59 लाख 9 हजार की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश्वरी नेगी, प्रधान रेखा नौटियाल सहित अन्य का कहना है कि सड़क निर्माण होने से दुर्गम गांव एंड को पैदल आवागमन से छुटकारा मिलेगा।
कोट
करीब दस किमी लंबी चटवापीपल-सिरण-एंड सड़क पर केवल 5 किमी (सिरण) तक ही वित्तीय स्वीकृति मिली थी, जिस पर सिरण तक निर्माण कार्य कर दिया गया। 31 दिसंबर को ही सिरण से आगे एंड तक 5 किमी सड़क निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है। इस पर आगे टेंडर प्रक्रिया कर जल्द सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - सत्यवीर त्यागी, अधिशासी अभियंता लोनिवि गौचर।