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पांडव चौक में स्थापित की मोरी डाली

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पीपलकोटी। बंड क्षेत्र के किरुली गांव में दस वर्ष बाद हो रहे पांडव नृत्य के दौरान सोमवार को पांडव चौक में मोरी डाली (धार्मिक पौधा) स्थापित की गई। मान्यता है कि राजा पांडु का श्राद्ध करने के लिए पांडव परिवार जंगल से मोरी डाली की पौध लेकर आते हैं। इस दौरान पांडव परिवार राक्षसों का वध भी करते हैं। मोरी डाली स्थापित करने के बाद पांडव परिवार की पूजा की गई। इस मौके पर प्रेम सिंह चौहान, दर्शन सिंह फरस्वाण, जमन सिंह फरस्वाण, सब्बल सिंह, शिशुपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुजान सिंह, ताजबर सिंह, रघुनाथ सिंह, कलम सिंह, भूपेंद्र बिष्ट और बलवंत कंडारी आदि मौजूद थे।
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खेती और ढमकर में पांडव नृत्य की धूम
आदिबदरी। भारी ठंड के बावजूद खेती और ढमकर में आयोजित पांडव लीला देखने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं। खेती में आयोजित पांडव लीला में भूमियाल देवता की पूजा के साथ पांडव नृत्य शुरू हुआ। पांडव के पश्वाओं ने पांडव चौक पर देवनृत्य किया। इस दौरान बेड़ी, छिमटा, रंडोली, मालसी, सिराणा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में आयोजन देखने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर ढमकर गांव में पांडव लीला के तीसरे दिन पांडवों ने धनुष क्रीड़ा का अद्भुत प्रदर्शन किया। रविवार रात को ढमकर गांव में पांडव नृत्य देखने के लिए नगली, पज्याणा, स्यालकोट, हरगांव, तलसारी, रंवारी सहित कई गांवों के ग्रामीण पहुंचे। इस अवसर पर विनोद नेगी, गुलाब सिंह, नंदा सिंह, दिनेश सिंह, त्रिलोक भंडारी, पदम विष्ट, ज्योति रावत, भरत रावत और मनोज खंडूड़ी आदि मौजूद थे।
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