देवाल सहित 50 से अधिक गांवों को कुमाऊं से जोड़ने वाला ग्वालदम-खंपाधार-चिडंगा मल्ला मोटर मार्ग चार माह बाद भी वाहनों के लिए नहीं खुल पाया है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग को खालेने के लिए एसडीएम केएस नेगी ने दो माह पूर्व संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए थे, लेकिन चार माह बाद भी मार्ग बंद पड़ा हुआ है।
चायखाना, मगरकुड़ा, बागतोली सहित आधे दर्जन से अधिक गावों की तीन हजार से अधिक आबादी का संपर्क अन्य जगहों से कटा हुआ है। सड़क बंद होने से इन गांवों में आलू और सब्जियां खेतों में सड़ रही हैं। गांव के बच्चों को पांच किमी पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह, हरेंद्र सिंह, गबर सिंह, बिरेंद्र सिंह, हरीश चंद्र आदि का कहना है कि लोक निर्माण विभाग गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। उन्होंने सड़क खोलने को जेसीबी मशीन भेजने की मांग की है। नाराज ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश रावत ने कहा कि विभाग के पास एक ही मशीन है, जो नारायणबगड़ में काम कर रही है। वहां काम पूरा होने के बाद ग्वालदम-खंपाधार-चिडंगा मल्ला सड़क खोलने के लिए भेजेंगें।
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दो माह पूर्व ही विभाग को सड़क ठीक करने के लिए कहा गया था। यदि अभी तक सड़क ठीक नहीं हुई है तो इसकी जांच की जाएगी। - केएस नेगी, उपजिलाधिकारी, कर्णप्रयाग