चमोली में सड़क और पैदल रास्ते अवरुद्घ पड़े होने से यूं गदेरों से आवाजाही कर रहे ग्रामीण।
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चमोली जिले के वाशिंदों को बारिश थमने के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही है। जिले में अभी भी 43 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हुई हैं। चमोली-लासी-सरतोली, बिरही-निजमुला, गोपेश्वर-पोखरी जैसी महत्वपूर्ण सड़कें अवरुद्ध पड़ी हुई हैं। लेकिन आपदा के बाद जो सड़कें अभी तक खुली भी हैं, वहां ग्रामीण छोटे वाहनों में जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
शनिवार को दोपहर तक जिले में 35 सड़कें अवरुद्ध पड़ी थी। लेकिन दोपहर बाद धूप खिलने से वाहनों की आवाजाही के लिए खोली गई आठ सड़कें पुन: बंद हो गई। अब जिले में बंद सड़कों की संख्या 43 हो गई है। दोगड़ी गांव निवासी प्रकाश सिंह और देव सिंह का कहना है कि यहां गोपेश्वर-दोगड़ी-कांडई सड़क कई जगहों पर अवरुद्ध पड़ी हुई हैं।
अभी तक भी सड़क को खोलने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इधर, जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन का कहना है कि सभी विभागों को ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पैदल रास्तों, विद्युत लाइनों और पेयजल लाइनों के सुधारीकरण के लिए आपदा मद से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। शीघ्र ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था सुचारु कर ली जाएगी।
ये आठ सड़के हुई बंद-
सेमा-बेमरु, जौरासी-हापला-घोतीधार, धुर्मा-कुंडी, सेरा-मोख-कुंडी, पोखरी-विशाल-नैल-सांकरी, दुगड्डा-डमडमा-बरतोली, देवलीबगड़ संपर्क मार्ग, चमोली-सरतोली और बिरही-गौंणा मोटर मार्ग।