चमोली जिले में विदेशों से पहुंचे 19 लोगों को अभी भी होम क्वारंटीन किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केके सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस से डरने की नहीं लड़ने और सतर्कता की जरूरत है। चमोली जिले में पहुंचे 1288 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। वहीं रुद्रप्रयाग जिले में 22 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
चमोली जिले में विभिन्न देशों में रोजगार कर रहे 57 ग्रामीण अपने गांवों को लौटे थे, जिन्हें कोरोना की सतर्कता को देखते हुए होम क्वारंटीन किया गया। अभी भी जिले में 19 ग्रामीणों को क्वारंटीन किया गया है, जबकि 24 लोगों को 28 दिन के होम क्वारंटीन के बाद घर निगरानी से बाहर कर दिया है। वहीं 14 ग्रामीण स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अपने गांव से मैदानी क्षेत्रों में लौट गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केके सिंह ने बताया कि जिले में गैरसैंण, गौचर, पोखरी और मंडल क्षेत्र में 1288 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिले की सीमा पर आने वाले लोगों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला अस्पताल के साथ ही जिले के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन के 109 सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
रुद्रप्रयाग। सिरोबगड़ चेकिंग प्वाइंट पर रविवार को दुबई से घर लौट रहे 11 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने तिलवाड़ा स्थित जीएमवीएन गेस्ट हाउस में जबकि सोमवार को 11 और लोगों को तिलवाड़ा गेस्ट हाउस में क्वारंटीन के लिए रखा है। अब यह संख्या 22 हो गई है। इन सभी को 14 दिनों तक यहां रखा जाएगा। हालांकि उनका प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें उनकी रिपोर्ट सामान्य आई है। वहीं दिल्ली से आए दो लोगों को अधिक खांसी होने पर कोटेश्वर माधवाश्रम अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा बाहर से आने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। डीएम ने बताया कि जिले में कोरोना से संबंधित कोई भी मामला नहीं आया है। जिले की सभी सीमाओं को सील किया गया है। दूसरी ओर, अब तक करीब 250 प्रवासी घरों को लौट आए हैं। प्रधान सभी की सूचना प्रशासन को उपलब्ध करा रहे हैं।
नारायणबगड़ में 15 लोगों की हुई जांच
नारायणबगड़/कर्णप्रयाग। कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए पीएचसी नारायणबगड़ में अलग से व्यवस्था की गई है। सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र में विदेश (ओमान) से आए एक व्यक्ति सहित अन्य राज्यों से यहां पहुंचे 15 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी सामान्य पाए गए। चिकित्सा प्रभारी डॉ. नवीन डिमरी ने बताया कि सभी 15 लोगों को अपने घर में रहने के निर्देश दिए हैं और किसी भी तरह की परेशानी होने पर अस्पताल आने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य केंद्र की महिला चिकित्सक डॉ. इंदिरा आर्य के नेतृत्व में एक मोबाइल टीम का गठन किया गया है। अस्पताल में दो बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।
वहीं कर्णप्रयाग के एक गांव में बिजनौर से दो युवा यहां लौटे। ग्राम प्रधान की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और उनका मेडिकल चेकअप किया। सीएचसी कर्णप्रयाग के चिकित्सक डॉ. बीपी पुरोहित ने बताया कि दोनों युवाओं को सुरक्षा की दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा है। इसके अलावा देहरादून, पिथौरागढ़, मुंबई, हल्द्वानी, दिल्ली, पंजाब, सहारनपुर से भी 25 लोग अलग-अलग गांवों में पहुंचे हैं। वहीं गौचर हेलीपैड पर सोमवार को 11 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले।
पहले स्वास्थ्य जांच कराई फिर गांव पहुंचे
गैरसैंण। मेहलचौरी, माईथान, गैरसैंण, नागचूलाखाल, पांडुवाखाल में लोग रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त रहे। दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, शिमला, देहरादून आदि शहरों से अपने गांव पहुंचे 17 युवाओं ने सीएचसी गैरसैंण पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया और फिर गांव पहुंचे। संतोष, मोहन सिंह, गबर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, अजय, चंदन, देवेेेंद्र, प्रदीप और बीरेंद्र आदि ने कहा कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।