चमोली-सरतोली मोटर मार्ग के बाधित होने से पैदल आवाजाही करते ग्रामीण।
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जिले में दो दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद जहां 135 में से 57 सड़कों में को सुचारु कर दिया गया था। वहीं शुक्रवार को हुई बारिश के बाद जिले में 34 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिनों तक जनजीवन सामान्य होने के बाद फिर दिक्कतें बढ़ गई हैं।
घाट-नंदप्रयाग मार्ग के सुचारु होने के बाद घाट मुख्य बाजार तक जरूरी वस्तुओं की सप्लाई और आवागमन सुचारु हो गया है। वहीं ग्रामीण सड़कों के बंद होने से जिले के सैकड़ों गांवों के ग्रामीण बाजारों तक पहुंचने के लिए मीलों की पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। शुक्रवार सुबह शुरू हुई बारिश से गदेरों और नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हो गई है।
जिले में अलकनंदा, पिंडर, नंदाकिनी सहित सभी नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। उसे देखकर नदियों के किनारे के गांवों के ग्रामीण सहमे हुए हैं। जिला प्रशासन ने बारिश को देखते हुए नदी और गदेरों के समीप रहने वाले ग्रामीणों को सजग रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के निर्देश दिए हैं।
इधर, जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिले की अधिकांश सड़कों को खोलने का कार्य किया जा रहा है। कहा कि घाट-नंदप्रयाग, बिरही-निजमूला और हापला-गोपेश्वर सहित कई मार्गों को सुचारु कर दिया गया है। साथ अन्य बंद पड़े मार्गों को सुचारु करने के लिए मशीनें और मजदूर लगाए गए हैं। शीघ्र ग्रामीण मोटर मार्गों को सुचारु कर दिया जाएगा।