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चमोली जिले में 34 सड़कें अवरुद्ध

Thu, 28 Jul 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
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चमोली जिले में अभी भी 34 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिससे करीब 140 गांवों के लोगों को मीलों दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। सर्वाधिक आबादी क्षेत्र को जोड़ने वाली कांडई पुल-बैरासकुंड, बिरही-निजमुला, चमोली-लासी-सरतोली,  चमोली-खैनुरी, हेलंग-उर्गम जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर भी आवाजाही ठप है। पोखरी की हापला घाटी के ग्रामीणों को करीब 13 किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
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ग्रामीण जरूरी सामान भी पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। हापला घाटी को जोड़ने वाली सात किमी हापला-कलसिर और तेरह किमी पोखरी हापला सड़क एक जुलाई से जगह-जगह अवरुद्ध है। लोनिवि ने अभी तक सड़कों को खोलने का काम शुरू नहीं किया है।

सड़कें बंद होने के डर से जीप चालकों ने भी अपने वाहन पोखरी बाजार में खड़े कर दिए हैं, जिससे देवनगर, मसोली, गुड़म, कलसिर, श्रीगढ़, सिदेली, कुलेंडू, नैल-नौली, डाडों, भुलकना, जखमाला, पाटी, थलगढ़ और कुजणी गांव के ग्रामीण पैदल आवाजाही कर रहे हैं।
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चंद्रशिला विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, प्रधान कलसिर हुकम सिंह नेगी एवं कनिष्ठ प्रमुख गोपाल पंवार का कहना है कि लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारी सड़कों को खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को खोलने में अनावश्यक देरी की जा रही है।

बैरासकुंड सड़क एक जुलाई को अवरुद्ध हो गई थी। तब से ग्रामीण थिरपाक बाजार से बैरासकुंड तक करीब आठ किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासी शांति प्रसाद नौटियाल का कहना है कि सड़क करीब पचास मीटर तक भूस्खलन की चपेट में है, लेकिन पीएमजीएसवाई की ओर से अभी तक भी सड़क को खोलने का काम शुरू नहीं किया गया है।

संपर्क मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। नब्बे में से 56 सड़कें आवाजाही के लिए खोल दी गई हैं। जो सड़कें अधिक क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें खोलने में समय लग रहा है।
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विनोद कुमार सुमन, डीएम, चमोली
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