वाण-गैरोली पातल-वेदनी रूट पर जाने वाले पर्यटक बर्फ देखने के लिए वेदनी से पांच किलोमीटर चलकर पातल नचौड़िया पहुंच रहे हैं। इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में यहां करीब 3004 पर्यटक पहुंचे और वन विभाग को करीब 14 लाख की कमाई हुई।
पर्यटन इस क्षेत्र के लोगों का आय का मुख्य साधन है। यहां वेदनी, आली, ब्रह्मताल, भीकलताल, गैरोली पातल व आयजनटाॅप जैसे पर्यटन स्थल हैं। सभी पर्यटन स्थल वन विभाग के अंतर्गत आते हैं। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों से वन विभाग प्रवेश शुल्क लेता है। वेदनी जाने वाले पर्यटकों के लिए गैरोली पातल में नाइट स्टे बनाया गया है। पर्यटक वेदनी से आगे पांच किलाेमीटर चलकर बर्फ का आनंद ले रहे हैं और पातल नचौड़िया पहुंच रहे हैं। इन दिनों पातल नचौड़िया बर्फ से ढका है। वर्ष 2021 में यहां 4523 पर्यटक पहुंचे जिससे वन विभाग को 22 लाख 41 हजार की आय हुई। वर्ष 2022 में 5562 पर्यटक आए और विभाग को 26 लाख 82 हजार की आय हुई। वर्ष 2023 के जनवरी से मार्च माह तक यहां पर 3004 पर्यटक आए और तीन माह में विभाग को 14 लाख 24 हजार की आय हुई। ट्रेकर भुवन सिंह ने बताया कि बर्फ पिघलने के बाद वेदनी में भी ट्रेकिंग शुरू हो गई है।
कोट
बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक होने के कारण पर्यटक वेदनी तक की यात्रा करते हैं। गैराली पातल नाइट स्टे रखा गया है। बर्फ देखने के लिए पर्यटक पातल नचौड़िया तक जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से लोहाजंग व वाण में पर्यटकों का पंजीकरण किया जा रहा है। इस साल के तीन माह में 14 लाख की आय हुई।- हरीश थपलियाल रेंजधिकारी, वन विभाग देवाल।