बदरीनाथ हाईवे पर धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों पर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने नाराजगी जताई। डीएम ने एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास) के अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बदरीनाथ हाईवे के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में डीएम ने जिले में हाईवे निर्माण कार्यों की प्रगति समीक्षा की। डीएम ने कहा कि दोगुनी मैन पावर के साथ प्रत्येक दिन कम से कम 300 मीटर सड़क का डामरीकरण करना सुनिश्चित करें और भूस्खलन व अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य तत्काल पूरा करें। डीएम ने कहा कि एनएच की कटिंग से जिले में पूरा हाईवे बेहद खराब स्थिति में है। कई जगह डेंजर जोन हैं, जो आए दिन सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इतना समय बीत जाने के बाद भी एनएच का कार्य पूरा न होना घोर लापरवाही है। डीएम ने कहा कि सड़क पर जगह-जगह धूल, मिट्टी और गड्ढों से लोग परेशान हैं। सड़क पर जहां भी मलबा पड़ा है उसे तत्काल हटाएं। डीएम ने एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों को तीन दिनों में शतप्रतिशत रॉयल्टी राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल संदीप कार्की ने कहा कि बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा से हेलंग तक 83.60 किमी में से 75 किमी तक हिल कटिंग कार्य किया जा चुका है। 43 किमी सड़क ब्लैकटॉप (पेंटिंग) कर ली गई है। इस दौरान एसडीएम बुशरा अंसारी, जीएम संदीप कार्की, इंजीनियर शशिकांत मणि, अंकित शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस यादव और गजेंद्र गौर मौजूद थे।