दत्तात्रेय जयंती के मौके पर बृहस्पतिवार से दो दिवसीय पुत्रदायिनी माता अनसूया मेला शुरू होगा। मेले के दौरान अनसूया मंदिर में संतान कामना के लिए विभिन्न जगहों की 231 बरोहियों (निसंतान दंपति) ने पंजीकरण करवाया है। मेले के दौरान मंदिर में दंपति संतान कामना के लिए जागरण करते हैं।
जिला मुख्यालय गोपेश्वर से करीब 14 किमी वाहन से मंडल गांव पहुंचने के बाद 5 किमी पैदल दूरी तय कर अनुसूया मंदिर पहुंचा जा सकता है। बृहस्पतिवार को मंडल घाटी के खल्ला, बणद्वारा, देवलधार, सगर और कठूड़ गांवों से देव डोलियां अनसूया माता मंदिर पहुंचेंगी।
देव डोलियों के मिलन को देखने के लिए यहां सैकड़ों देवी भक्तों का हुजूम उमड़ता है। सुबह आठ बजे से मंडल स्थित अनसूया माता मंदिर और गेट पर भी बरोहियों का पंजीकरण होगा। अनसूया मंदिर में संतान प्राप्ति को लेकर उत्तराखंड के साथ ही बाहरी राज्यों के दंपति यहां पहुंचते हैं।
अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण का कहना है कि बृहस्पतिवार को खल्ला, बणद्वारा, देवलधार और कठूड़ गांवों से देव डोलियां अनसूया मंदिर पहुंचेंगी। इस दौरान मंदिर में रात्रिभर भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। 25 दिसंबर को तड़के से ही अनसूया मंदिर में पूजा-अर्चना होगी। दोपहर दो बजे देव डोलियों की विदाई होगी।