फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट के अभाव में खंडहर में तब्दील हो रहा पॉलीटेक्निक का निर्माणाधीन भवन

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोपेश्वर। पोखरी में निर्माणाधीन राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान का भवन निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष से ठप पड़ा है। यूपी निर्माण निगम ने गत वर्ष अगस्त माह में शासन से भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की, लेकिन अभी तक भी बजट आवंटन नहीं हो पाया है। अब निर्माणाधीन भवन परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। पांच साल से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान किराए के भवन पर चल रहा है।
राजकीय पॉलीटेक्निक पोखरी में मौजूदा समय में 150 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां सिविल, इलेक्ट्रॉनिक और मेकेनिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2014 में संस्थान की स्थापना हुई थी। तब से कक्षाएं किराए के भवन पर चल रही हैं। वर्ष 2014 में शासन पॉलीटेक्निक भवन के लिए तीन करोड़ 28 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। तीन करोड़ की धनराशि भवन निर्माण पर खर्च हो चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे भावी इंजीनियरों को भवन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री से भी भवन निर्माण में वित्तीय अनियमितता पर जांच की मांग उठाई थी, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बीते डेढ़ वर्षों से भवन का निर्माण कार्य ठप पड़ा है। बदरीनाथ विधायक प्रतिनिधि अवधेश रावत ने बताया कि निर्माणाधीन भवन पर बाहर से रंग-रोगन कर दरवाजे, खिड़की, बिजली और पेयजल संयोजन कार्य अधूरे छोड़े गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
पॉलीटेक्निक भवन के निर्माण के लिए निगम को 30 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। बजट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। - सुनील मलिक, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूपी निर्माण निगम, श्रीनगर गढ़वाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें