गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग के निर्माण को लेकर प्रशासन और जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में सहमति नहीं बन पाई। समिति के पदाधिकारी हाईवे का निर्माण जोशीमठ नगर से करने की मांग पर अड़े रहे। अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मामले में जल्द ही पुन: बैठक आयोजित की जाएगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के समर्थन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
जिला सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया ने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन में जोशीमठ बाजार में मोटर मार्ग संकरा होने से जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ आम लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यात्रा सीजन में बदरीनाथ हाईवे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए शासन ने हेलंग-मारवाड़ी बाईपास स्वीकृत किया है। यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जाने वाले यात्री जोशीमठ बाजार से होते हुए बदरीनाथ पहुंचेंगे, जबकि यात्रा से लौटते वक्त वाहनों को मारवाड़ी से हेलंग बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। हेलंग से जोशीमठ मोटर मार्ग का भी चौड़ीकरण किया जाएगा।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी बाईपास मार्ग के विरोध में अड़े रहे। नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार और ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत ने कहा कि स्थानीय लोगों का एकमात्र रोजगार यात्रा व्यवस्था पर टिका हुआ है। बाईपास के निर्माण से क्षेत्र में उनका रोजगार प्रभावित होगा। जोशीमठ से पलायन होने पर नगर का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। जोशीमठ धार्मिक, ऐतिहासिक, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर है। हेलंग-जोशीमठ मोटर मार्ग पर वृद्घबदरी, भविष्य बदरी, पर्णखंडेश्वरी-राजराजेश्वरी और टिम्मरसैंण जैसे धार्मिक स्थल है। इसके अलावा जोशीमठ हेमकुंड साहिब की यात्रा का भी मुख्य पड़ाव है। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, बीआरओ के अधिकारी रविराय मित्तल, बीआरओ के कनिष्ठ अभियंता अनिल कुमार, अधिवक्ता रितेश बगवाड़ी, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद्र मिश्रा आदि मौजूद थे।