गोपेश्वर। गोपीनाथ मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा और यज्ञ के दौरान भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। प्राचीन वैतरणी जलकुंड के जल को 108 कलशों में भरकर कन्याओं और महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और जल गोपीनाथ मंदिर में अर्पित किया। इस दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया। गोपीनाथ मंदिर परिसर दिनभर जय गोपीनाथ, जय रुद्रनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।
शनिवार को सुबह पांच बजे से शिव महापुराण कथा स्थल में धार्मिक क्रियाएं शुरू हुईं। आचार्य ब्राह्मणों के साथ महिलाएं और कन्याएं जल लेने के लिए वैतरणी कुंड पहुंचीं। वैदिक मंत्रों के साथ जलकुंड के समीप यज्ञ हुआ। विश्व कल्याण के लिए यज्ञ में हजारों मंत्रों की आहुतियां दी गईं। इसके बाद कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद गोपीनाथ मंदिर परिसर में शिव महापुराण कथा शुरू हुई। कथावाचक पंडित वेद प्रकाश भट्ट ने कहा कि शिव नाम से आध्यात्मिक सुख मिलता है। इस मौके पर रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी प्रयाग दत्त भट्ट, हयात सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिबोधनी खत्री, रणजीत सिंह बिष्ट, दर्शन सिंह बिष्ट, प्रेम बल्लभ भट्ट, हरीश भट्ट, किशन सिंह बिष्ट, प्रमोद बिष्ट, गोपाल दत्त, यशवंत सिंह, अवतार सिंह और अशोक बिष्ट आदि मौजूद थे।