जोशीमठ। जोशीमठ-मलारी हाईवे सलधार में शुक्रवार को भी सुचारु नहीं हो पाया है। हालांकि बीआरओ की जेसीबी हाईवे खोलने में जुटी हुई है। हाईवे बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही भी ठप पड़ गई है। सुरांईथोटा, लाता, तोलमा, रैणी गांवों के ग्रामीण करीब तीन किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने गंतव्य को जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को अचानक अपराह्न तीन बजे जोशीमठ-मलारी हाईवे पर सलधार के पास चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया था। इससे यहां छह मीटर हाईवे ध्वस्त हो गया था। बीआरओ की मशीन और मजदूर हाईवे खोलने में जुटे हुए हैं लेकिन बड़े बोल्डर के कारण हाईवे सुचारु नहीं हो पाया है। मलारी हाईवे न खुलने से यहां सेना और आईटीबीपी के वाहनों की लगातार ठप पड़ी है। लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले बीआरओ ने यहां हाईवे का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य किया था। अब बारिश होने के बाद चट्टानों से बोल्डर हाईवे पर गिर रहे हैं। बीआरओ के मेजर अमित चतुर्वेदी का कहना है कि हाईवे खोलने का काम चल रहा है। बोल्डरों को ड्रिल मशीन से तोड़ा जा रहा है। यहां हाईवे संकरा होने के कारण मशीनों को भी काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।