चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक साल पहले मनरेगा के तहत खरीदी गई सामग्री का अब भुगतान हुआ है। हालांकि जिला विकास विभाग को 16 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं जबकि ग्राम पंचायतों की बाजार में करीब 18 करोड़ रुपये की देनदारी है। ग्राम्य विकास विभाग ने प्राप्त धनराशि को प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों को आवंटित करना शुरू कर दिया है। मनरेगा कार्य के लिए ग्राम प्रधानों की ओर से खरीदी गई सामग्री का दुकानदारों को एक साल से भुगतान नहीं किया गया है।
चमोली जिले में 610 ग्राम पंचायतें हैं। मनरेगा कार्य के तहत श्रमिकों को केंद्र सरकार की ओर से पूरा मेहनताना दिया गया लेकिन क्रय की गई सामग्री का भुगतान नहीं हो पाया था। इसके लिए ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना-प्रदर्शन भी किया। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी का कहना है कि मांग के सापेक्ष बजट नहीं मिल पाया है जिससे कई ग्राम पंचायतों को बजट की आपूर्ति नहीं हो पाएगी। यदि शीघ्र पूर्ण बजट नहीं मिला तो फिर से आंदोलन करना पड़ेगा। इधर, जिला विकास अधिकारी सुमन राणा ने बताया कि खरीदी गई मनरेगा सामग्री के लिए जिले को 16 करोड़ रुपये मिले हैं। शेष दो करोड़ की धनराशि के लिए भी पत्राचार किया गया है।