कर्णप्रयाग। जिलासू तहसील के ग्राम पंचायत बमोथ में छह दशक पूर्व बनी नहर के खस्ताहाल होने से सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि बंजर होने के कगार पर है।
सुनील चमोली, मायाराम भट्ट, राकेश भंडारी, सूरज कुमार, सुनील असवाल, पवन लखेड़ा आदि ने बताया कि विगत पांच दशक पूर्व क्यारखू गदेरे से सिंचाई विभाग की ओर से लाखों की लागत से नहर का निर्माण किया गया था। नहर के निर्माण से धान की रोपाई और सब्जी उत्पादन होता था। जिससे उनकी आर्थिकी सबल हो रही थी, लेकिन विगत छह माह से नहर में पानी नहीं चलने से ग्रामीणों की फसल और सब्जी सूखने की कगार पर है। ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई विभाग ने जिला योजना मद से 5 लाख से नहर की मरम्मत का कार्य किया था, लेकिन निन्म गुणवत्ता परक कार्यों के चलते नहर में पानी नहीं चल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द सिंचाई नहर को व्यवस्थित नहीं किया गया तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अतुल पांडे ने बताया कि एक सप्ताह में वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर बमोथ नहर में पानी चला दिया जाएगा। नहर की मरम्मत के लिए जिला योजना मद से 10 लाख रुपये का आंगणन बनाया हुआ है। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।