उत्तरकाशी। जंगलों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है, जिससे कई हेक्टेयर में फैली बहुमूल्य वन संपदा नष्ट हो गई है। हालांकि वन विभाग और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दिन रात आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आग काबू में नहीं आ पा रही है।
दो-तीन दिनों से उत्तरकाशी और अपर यमुना वन प्रभागों के जंगल धधक रहे हैं। स्थिति यह है कि रविवार को भी उत्तकरकाशी वन प्रभाग के चामकोट, सिंगोटी, जामक व डांडा माजफ क्षेत्र के जंगलों में आग लगी रही। अपर यमुना वन प्रभाग के मोल्डा व लोनिवि गेस्ट हाउस के निकट के जंगल भी सुलगते रहे। हालांकि वन विभाग तथा अग्निशमन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि इस वर्ष अभी तक हुई करीब 120 घटनाओं में 90 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा नष्ट हुई है। मौसम का रुख देखते हुए आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बावजूद सभी कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
एंड गांव के जंगल जले
कर्णप्रयाग। एंड गांव के जंगल में शनिवार को लगी आग पूरा जंगल जलने के बाद बुझ गई। आग से सैकड़ों पेड़ जल गए। इसके अलावा सिमली, आदिबदरी, नौटी, नंदासैंण, सिरोली, भटोली, गौचर, सिवाई, कालेश्वर, पोखरी, सिवाई आदि कस्बों के जंगलों में भी लगी आग से चारों ओर धुआं फैला है। जयदीप, हरीश, पुष्कर रावत, नरेश आदि ने कहा कि जंगलों में बार-बार आग लगने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के स्रोत सूखने की कगार पर हैं।
रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर पट्टी के मदोला, स्यूंड, सतेराखाल के जंगल दो दिन से धू-धूकर जल रहे हैं। आग से जहां लाखों की वन संपदा जलकर राख हो रही है। वहीं, वातावरण में धुंध का गुबार छाया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अराजक तत्वों ने दोबारा जंगलों में आग लगाई है। शुष्क मौसम के कारण जंगलों में लगी आज तेजी से आगे बढ़ रही है।