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कपीरी पट्टी के गांवों में लोग रातभर प्राकृतिक स्रोतों से भर रहे हैं पानी

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पुरोला (उत्तरकाशी)। गर्मी के प्रकोप और जंगलों में लगी आग के बीच पेयजल किल्लत से ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटने लग गया है। प्रखंड के छाड़ा एवं करड़ा गांव में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़े होने से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार केे तहसील मुख्यालय पर ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस प्रदर्शन कर रोष जताया। उन्होंने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
गर्मी के प्रकोप से प्राकृतिक स्रोतों पर वाटर डिस्चार्ज कम होने व खेतों में धान की रोपाई के चलते स्रोतों से पानी डायवर्ट किए जाने के कारण जिले की कई पेयजल योजनाओं पर पानी का संकट पैदा हो गया है। प्रखंड के छाड़ा एवं करड़ा गांव में बीते एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। छाड़ा गांव निवासी कमला देवी ने बताया कि गांव के 62 परिवारों के लिए जल संस्थान की कंडारसेम तोक से बनी पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। आजकल कुरड़ा गांव में धान की रोपाई के चलते ग्रामीणों ने पेयजल लाइन बंद कर सारा पानी खेतों में डायवर्ट कर दिया है। ऐसे में बीते एक माह से छाड़ा गांव में जलापूर्ति ठप पड़ी है और ग्रामीण आधा किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं।
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बार-बार मांग करने पर भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से गुस्साए छाड़ा के ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर ढोल नगाड़ों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार चंद्र सिंह राणा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र जलापूर्ति सुचारु नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों में इंद्री देवी, सुचित्रा, अनीता, मीमा देवी, केंद्री देवी, सुरमा देवी, अमरीका देवी, सोबनी देवी, लक्ष्मी देवी, आंचल, रविता, सुरेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार, सोबत लाल, जतनी लाल, हुकमदास आदिशामिल रहे। दूसरी ओर लंबे समय से जलापूर्ति ठप होने से परेशान करड़ा के ग्रामीणों ने भी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जल संस्थान के एई एसएस रावत ने बताया कि जंगलों की आग और गर्मी के कारण अधिकांश जलस्रोतों पर वाटर डिस्चार्ज में कमी आई है। बारिश होने के बाद ही जलापूर्ति सुचारु हो पाएगी।



पानी के लिए स्रोतों पर रात में ही लग रही लाइन
कर्णप्रयाग के 13 गांवों में एक महीने से बना पानी का संकट
मीलों पैदल चलकर गदेरों से भी भरना पड़ रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
कर्णप्रयाग। कपीरी पट्टी के 13 गांवों में लोग एक महीने से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। नलों पर काफी कम मात्रा में पानी आ रहा है, जिससे ग्रामीण रात में ही पेयजल स्रोतों पर लाइन लगाकर पानी भर रहे हैं। कई गांवों में लोग गदेरों से पानी भरने को भी मजबूर हैं।
लगातार बढ़ रही गर्मी और जंगलों की आग से कर्णप्रयाग तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कपीरी पट्टी के किमोली, कनखुल, नौला, रिठोली, फलोटा, कुनेथ, जस्यारा, डुंग्री, बिडोली, कोट, कोलाडुंग्री, कुनेथ, पलसारी के ग्रामीण भगवान कंडवाल, खिलदेव सिंह, नरेश तोपाल, प्रदीप सिंह, रविंद्र सिंह, बृजेश बिष्ट, पुष्कर रावत, अनिल, दर्शन, मोहन, मीना, रीना देवी, रामेश्वरी, कमला, विमला आदि ने कहा कि गांवों में स्रोतों पर कम पानी आ रहा है। गांव में जल संस्थान की लाइन है, लेकिन उस पर भी पानी कम आ रहा है। ऐसे में लोग पानी के लिए रात में ही पेयजल स्रोतों पर लाइन लगा लेते हैं। यहां से पानी की जरूरत पूरी नहीं होती तो मीलों पैदल चलकर गदेरे से पानी भरना पड़ रहा है। पालतू पशुओं को भी पानी नहीं मिलने से दुग्ध व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा आदिबदरी, नौना पयां, बसक्वाली, रतूड़ा, र्स्वका, चूलाकोट, सेमी, देवतोली, बणसोली, मलेठी, नंदासैंण, गैरोली, टटासू, विद्यापीठ बस्ती आदि गांवों में भी पानी के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीणों ने कहा अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं जल संस्थान के जेई जेएस बिष्ट ने कहा कि गांव में पेयजल लाइन के निरीक्षण के लिए कर्मचारियों को भेजा गया है। इसके बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में जरूरत पड़ेगी तो पानी के टैंकर भेजे जाएंगे।

इंसेट
जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी
गैरसैंण। पानी की समस्या से जूझ रहे गैरसैंण के लोगों ने एसडीएम से मुलाकात कर पेयजल उपलब्ध कराने की मांग के लिए ज्ञापन दिया। नाराज लोगों ने 15 जून तक पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने पर जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी और प्रदर्शन की चेतावनी दी। ज्ञापन में नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्कर रावत, सभासद कुंवर रावत, सरोज शाह, बीना देवी, जगदीश ढौंडियाल, राजेंद्र सिंह, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुंवर सिंह बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण में स्रोतों पर पर्याप्त पानी है, लेकिन विभाग की शिथिलता और पानी के वितरण में खामी के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

चोपड़ा के गांवों में केवल एक घंटा ही पानी की सप्लाई
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के चोपड़ा क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं। यहां जलसंस्थान की योजनाओं से नियमित सप्लाई नहीं हो रही है। दिनभर में सिर्फ एक घंटे पानी की सप्लाई होती है। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण की मांग की है।
चोपड़ा के पाली, देवलख, चोपड़ा व बजार समेत क्षेत्र के 12 गांवों में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी है। इन क्षेत्रों में दिनभर में सिर्फ एक घंटे पानी की सप्लाई की जा रही है, जिस कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि कई बार जल संस्थान से टैंकर से पानी सप्लाई बढ़ाने को कहा गया है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम प्रधान रमेश त्रिपाठी, अंकोला पुरोहित, हर्षवर्द्धन पुरोहित, दुर्गा देवी पुरोहित, सुनीता पुरोहित व ग्रामीणों ने जल्द पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की। इधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह ने बताया कि हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों में पर्याप्त पानी की सप्लाई की जाए। अभी तक आठ टैंकरों से अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है।

श्रीकोट गंगानाली में साढ़े दस घंटे ठप रही बिजली
श्रीनगर। श्रीकोट गंगानाली में बिजली लाइन में फॉल्ट आने से साढ़े 10 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली गुल होने से लोगों को गर्मी में ही रात गुजारनी पड़ी। बिजली ठप होने से श्रीकोट में जलापूर्ति भी प्रभावित हुई। यहां कुछ मोहल्लों में पानी आपूर्ति नहीं हुई।
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सोमवार रात लगभग 11.50 बजे अचानक श्रीकोट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ऊर्जा निगम ने सुबह 6 बजे से फॉल्ट ढूंढना शुरू किया। आखिरकार विद्युत सब स्टेशन में एक फीडर की केबिल जली मिली। सुबह लगभग 10.20 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। छोटे होटल-लॉज में यात्रियों ने परेशानी में रात गुजारी। फीडर केबल जलने से श्रीकोट पेयजल योजना के पंप भी बंद रहे, जिसके चलते श्रीकोट गंगानाली के कुछ मोहल्लों में पानी नहीं आया। विद्युत वितरण खंड के एसडीओ मनोज अग्रवाल ने बताया कि फॉल्ट दूर करने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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