श्रीनगर। बदरीनाथ धाम में हार्टअटैक से तीर्थयात्रियों की मौत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बदरीनाथ धाम में कार्डियक एंबुलेंस तैनात कर रहा है। एंबुलेंस में आईसीयू में मिलने वाली सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। विभाग का कहना है कि हार्टअटैक की स्थिति में कार्डियक एंबुलेंस की सहायता से मरीज को हायर सेंटर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। यात्रा काल के बाद यह एंबुलेंस जिला चिकित्सालय में तैनात रहेगी।
कार्डियक एंबुलेंस की कीमत करीब 60 से 70 लाख होगी। इस एंबुलेंस में आईसीयू में मिलने वाली सभी सुविधाओं के साथ ही अल्ट्रसाउंड, ईसीजी सहित सभी जांचें होंगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश चौहान कहते हैं कि हार्टअटैक आने पर कार्डियक एंबुलेंस होने से पीड़ित का तुरंत इलाज हो सकेगा। कार्डियक एंबुलेंस खरीदने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी से भी अनुमति मिल चुकी है। उम्मीद है कि जल्द बदरीनाथ धाम में कार्डियक एंबुलेंस तैनात कर दी जाएगी। यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद इसे जिला चिकित्सालय में तैनात किया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को भी इसका फायदा होगा। गढ़वाल के पहाड़ी जिलों में इस प्रकार की सुविधा पहली बार उपलब्ध होगी।
नौ साल में 85 तीर्थयात्रियों की हार्टअटैक से हुई मौत
गोपेश्वर। केदारनाथ में ड्यूटी कर लौटे संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर के वरिष्ठ सर्जन डा. सलूजा बताते हैं कि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम अधिक ऊंचाई पर होने के कारण यहां आक्सीजन की कमी हो जाती है। साथ ही यहां ठंड बहुत होती है। यात्री गर्म स्थानों से आते है और यहां तापमान माइनस में होने के कारण हार्ट पर दबाव पड़ता है। ऑक्सीजन की कमी से सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती हैं और हार्टअटैक आता है। पिछले नौ सालों में बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में लगभग 85 तीर्थयात्रियों की मौत हार्टअटैक से मौत हो चुकी है।