कर्णप्रयाग। आदिबदरी में तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेला समिति की बैठक में बताया गया कि 13 मई को नोठा कौथिग का आयोजन होगा। कौथिग में कई गांव के लोग शामिल होते हैं और भगवान को नया अनाज चढ़ाने के लिए लाठी डंडों से प्रतीकात्मक युद्ध करते हैं।
नरेंद्र चाकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस साल आदिबदरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले को भव्य ढंग से मनाया जाएगा। मेले में गढ़वाल और कुमाऊं की सांस्कृतिक टीमों के अलावा छात्र-छात्राएं और महिला तथा युवक मंगल दल के कार्यक्रम होंगे। 13 मई को नौठा कौथिग को परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान आदिबदरीनाथ को नया अनाज का भोग चढ़ाते हैं। अनाज चढ़ाने के लिए खेती, रंडोली, पिंडवाली, मालसी, छिमटा, भलसों आदि गांवों के लोग लट्ठों और डंडों से प्रतीकात्मक युद्ध करते हैं। बैठक में पूर्व प्रमुख राजेंद्र सगोई, विनोद नेगी, नरेंद्र सिंह चाकर, विजय चमोला, नवीन बहुगुणा, सुरेंद्र कुंवर, बलवंत नेगी, विनोद रावत, गैणा सिंह, नरेंद्र बरमोला, भुवन बरमोला, बिंदी लाल, बलवंत भंडारी और उमा शंकर आदि मौजूद रहे।