बृहस्पतिवार को बारिश थमी और मौसम खुला तो बदरीनाथ धाम में बीती 30 जून से फंसे 1500 तीर्थयात्री घरों का लौट गए। वहीं विभिन्न पड़ावों पर फंसे तीर्थयात्री विभिन्न साधनों से बदरीनाथ पहुंचे और दर्शन किए।
इसके बाद कई तीर्थयात्री धाम में ही रुक गए जबकि कुछ गंतव्य को चले गए। तीन जगहों पर बंद बदरीनाथ हाईवे भी देर शाम खोल दिया गया। अब शुक्रवार से यात्रा सुचारु रूप से शुरू हो जाएगी।
बृहस्पतिवार को मौसम खुलने के बाद तीर्थयात्रियों ने पैदल ही आवाजाही शुरू कर दी। विभिन्न पड़ावों पर फंसे 1219 तीर्थयात्री वाहन से, 100 यात्री पैदल और 450 तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचे।
30 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन करने के बाद हेलीकॉप्टर से ही लौट गए हैं, जबकि अन्य तीर्थयात्री धाम में ही हैं। वहीं हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए बृहस्पतिवार सुबह छह बजे गोविंदघाट से 252 तीर्थयात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए, जबकि 35 तीर्थयात्री गोविंदघाट से हेलीकाप्टर से घांघरिया पहुंचे। हेमकुंड साहिब में मौसम साफ हो गया और धूप खिली जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं मंगलवार रात से बंद बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार शाम को खोल दिया गया जबकि हाईवे बल्दौड़ा में बुधवार देर रात खोल दिया गया था। लामबगड़ और बैनाकुली में हाईवे खोलने के लिए बीआरओ ने दो मशीन और 43 मजदूर लगाए गए थे। हाईवे खुलने से पूर्व ही कई तीर्थयात्री पैदल ही बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए थे।