कर्णप्रयाग। न्याय पंचायत मज्याड़ी के सिमली में बना पशुपालन केंद्र खंडहर में तब्दील हो गया है। ऐसे में ग्राम पंचायत डिम्मर, मज्याड़ी, सैनू, चमोला, चूलाकोट, रतूड़ा, खंडूड़ा, बसक्वाली आदि के पशुपालकों को अपने मवेशियों के उपचार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश डिमरी, बलवीर लाल, सावित्री देवी, शैलेंद्र प्रसाद डिमरी, बृजमोहन सिंह रावत और वीरेंद्र सिंह लडोला आदि ने बताया कि वर्ष 1960 की दशक में बना पशुपालन केंद्र 15 वर्षों से खंडहर में तब्दील हो गया है। पशुपालकों को अपने मवेशियों के उपचार और दवाइयों के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा यदि जल्द भवन का पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।