बैशाखी पर्व से पिंडर घाटी में होने वाले मेलों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को ब्लाक के भटियाणा गांव में होने वाले कुंवारी कौथिग के आयोजन के लिए ग्रामीणों की बैठक हुई।
बैठक में मेले को भव्य रूप देने का निर्णय लिया गया। घाटी में 13 से 22 अप्रैल तक अलग-अलग गांवों में करीब दस दिनों तक मेलों का आयोजन होगा। दूसरी ओर गैरसैंण के माईथान में 14 अप्रैल को बैशाखी मेले का आयोजन होगा।
भटियाणा गांव में आयोजित बैठक में कहा गया कि बाल स्वरूपणी कुंवारी देवी के मंदिर का जीर्णोद्धार मेले से पहले कर लिया जाएगा। मेला 22 अप्रैल से होगा। मेले के दौरान बिजली और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के लिए संबंधित विभागों से वार्ता की जाएगी।
आयोजन को भव्य रूप देने के लिए मेले के प्रचार पर जोर दिया जाएगा। बैठक में मंदिर समिति अध्यक्ष महेशानंद जोशी, सचिव बख्तावर सिंह, पुजारी गंगाधर जोशी, दरवान सिंह, विनोद जोशी, रमेश जोशी, बलवंत सिंह, केशर सिंह, सहित भटियाणा मल्ला और तल्ला के ग्रामीण मौजूद थे।
वहीं नारायणबगड़ में 13 अप्रैल से थल कौथिग के साथ बैशाखी मेलों का आगाज होगा। मेले के दिन विभिन्न गांवों के देव निशान और देव डोलियां पिंडर नदी में स्नान कर देवनृत्य का भव्य आयोजन होता है। 13 अप्रैल को कुलसारी में, 14 अप्रैल को कौब, मींग और माल में, 15 को खैनोली में, 16 को असेड़, 17 को मलियाल और हंसकोटी में बैशाखी मेलों का आयोजन होता है।