गोपेश्वर। नया साल आपदा प्रभावित सरपाणी गांव के ग्रामीणों के लिए नया ठोर ठिकाना लेकर आ रहा है। शासन ने सरपाणी गांव के 38 परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी दे दी है। गांव के पुनर्वास के लिए शासन से 1,61,50000 की धनराशि भी मंजूर हो गई है। मानक के अनुसार प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को शासन की ओर से चार लाख 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। इनमें चार लाख रुपये मकान बनाने के लिए, 15 हजार गोशाला निर्माण और दस हजार घरेलू सामग्री के ढुलान के लिए दिया जाएगा।
चमोली जिला आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। जिले में 72 गांव ऐसे हैं, जो भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण रहने लायक नहीं रह गए हैं। शासन ने जिला प्रशासन की ओर से पुनर्वास के शीर्ष प्राथमिकता में रखे सरपाणी गांव के 38 आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे पूर्व जिले में 202 आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास हो चुका है, जिनमें से ग्राम पंचायत कनोल के 60, बौंला के छह, फरखंडे के 60, छपाली के सात, त्यूला के 21 और भ्याड़ी के 48 परिवार शामिल हैं।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2015-16 से चमोली जिले में आपदा प्रभावित गांवों का पुनर्वास कार्य चल रहा है। शीर्ष प्राथमिकता वाले गांवों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सरपाणी गांव के बाद गैरसैंण ब्लाक के सनेढ़ लगा जिनगौड़ गांव के एक परिवार का भी जल्द पुनर्वास कर दिया जाएगा।