देवाल। ब्लॉक सभागार में आयोजित बीडीसी बैठक में कई विभागों के अधिकारियों के नहीं आने और बैठक में पारित प्रस्तावों पर कार्य नहीं होने पर ग्राम प्रधानों ने सदन में हंगामा किया। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही जेई की ओर से सवालों का सही जवाब न देने पर प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने जेई को सदन से बाहर कर दिया।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह नेगी ने रैन-पलबरा मोटर मार्ग के निर्माण कार्यों में हुई वित्तीय अनियमितता की पुष्टी होने के बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सदन में धरना दिया। उन्होंने कहा यदि 15 जनवरी तक मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं पशु पालन विभाग, लोनिवि आदि विभागों से संबंधित अधिकारियों के बैठक में नहीं आने पर जन प्रतिनिधियों ने रोष जताया। बैठक में लोनिवि के ईई के प्रतिनिधि के रूप में आए जेई की ओर से सवालों का सही जवाब नहीं देने पर प्रमुख ने जेई को सदन से बाहर कर दिया। वहीं चोटिंग-हरमल, वकोड़वाबैंड-देवस्थली मोटर मार्गों पर टेंडर प्रक्रियाएं शुरू नहीं होने पर सदस्यों ने रोष जताया। मनरेगा सहित अन्य विभागों के कार्यों के सोशल ऑडिट करने की मांग की गई। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पुष्कर सिंह फर्स्वाण के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने अधिकारियों के बैठकों से नदारद रहने और सदन में पारित प्रस्तावों में कार्य नहीं होने पर हंगामा किया और आंदोलन की चेतावनी दी। क्षेत्र पंचायत प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने सदस्यों को आश्वासन देते हुए कहा कि बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों की सूची बनाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी जाएगी। खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट के संचालन में आयोजित बैठक में ज्येष्ठ उप प्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी, कनिष्ठ उप प्रमुख मनोज कुमार, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह दानू, हीरा राम, नरेश कुमार, गोपाल सिंह सहित कृषि, उद्यान, पीएमजीएसवाई आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।