आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के संपूर्ण शारीरिक विकास एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिले में मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना बृहस्पतिवार से शुरू हुई। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीएम स्वाति एस भदौरिया ने आंगनबाड़ी के बच्चों को दूध पिलाकर योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत तीन से छह साल तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन 100 एमएल दूध पिलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने डेयरी और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जिले से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक की आंगनबाड़ी में इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरी जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बचपन में पौष्टिक आहार उपलब्ध हुआ तो बच्चे जीवन भर तंदुरुस्त रहेंगे। डेयरी विकास के सहायक निदेशक आरएस चौहान ने कहा कि जिले में 1068 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से छह साल तक के आठ हजार बच्चे हैं। योजना के तहत सभी बच्चों को प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को 100 एमएल दूध पिलाया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ हंसादत्त पांडे, दुग्ध संघ की अध्यक्ष विसेश्वरी देवी, दुग्ध संघ के प्रबंधक एनसी कुनियाल, डीपीओ संजय कुमार, एएस जांगपांगी, धर्मानंद शर्मा और प्रदीप ध्यानी के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थे।