बंड क्षेत्र के ल्वांह गांव में 100 परिवार पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मेलाड़ पेयजल योजना के स्रोत पर पानी तो है, लेकिन संरक्षण के अभाव में पानी गांव तक नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने मेलाड़ पेयजल योजना के पुनर्गठन की मांग को लेकर डीएम स्वाति एस भदौरिया को ज्ञापन सौंपा।
महिला मंगल दल अध्यक्ष सतेश्वरी देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कोठियाल, गजेंद्र सिंह राणा, मदन सिंह गड़िया, किशन सिंह पुुंडीर, दलवीर सिंह राणा और हिमानंद कोठियाल ने कहा कि वर्ष 2017 में गांव में आयोजित जनता दरबार में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों को शीघ्र पेयजल योजना के पुनर्गठन के निर्देश दिए थे, लेकिन तीन वर्ष बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में वह आज तक पेयजल समस्या से परेशान हैं।
ढांगा गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाने की मांग
गैरसैंण। ब्लॉक के ढांगा गांव के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के समाधान को लेकर डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने स्रोत से गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाने की मांग की। मोहन लाल ओली, पुष्पा देवी, गुसाईं राम, लक्ष्मी देेेवी, मंजू, पूनम, कला देवी, सावित्री, रामलाल, सुनीता, ज्योति, रूपा, अनीता, ममता, राजेंद्र और केदारी राम ने कहा कि उनके गांव में 40 परिवारों में से मात्र 5 लोगों के पास ही पेयजल कनेक्शन है, जिस पर भी जलापूर्ति अधिकांश समय तक बाधित रहती है। अब हर घर जल योजना के तहत ठेकेदार की ओर से पुरानी लाइन से ही नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान स्थिति में पेयजल लाइन से केवल 5 कनेक्शन पर भी जलापूर्ति नहीं हो पा रही है तो 40 कनेक्शन से कैसे जलापूर्ति हो सकती है। ग्रामीणों ने उनके गांव के लिए स्रोत से ही नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की। संवाद