बागेश्वर में रेल लाइन निर्माण की मांग करतीं महिलाएं। संवाद
बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति ने रेल लाइन बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने चीन की विस्तारवादी नीति से सीमांत क्षेत्रों को खतरा बताया।
रविवार को तहसील परिसर में समिति के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि वर्ष 2004 से समिति लगातार संघर्ष कर रही है, बावजूद इसके अंग्रेजों के शासन काल में सर्वेक्षण हुए रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सरकार बार-बार रेल लाइन निर्माण के नाम पर सर्वे करा रही है, लेकिन कार्य नहीं हो रहा। कहा कि चीन ने ल्हासा, तिब्बत तक 1100 मीटर की रेल लाइन बिछा दी। सीमा पर चीन के हथियारबंद सैनिक हमारे देश पर नजर गढ़ाए बैठे रहते हैं। हमारी सरकार को इससे सीख लेनी चाहिए।
रेल लाइन का काम शुरू नहीं होने पर अध्यक्ष नीमा दफौटी, प्रताप सिंह गढि़या, केशवानंद जोशी, हयात सिंह मेहता, गीता रावल, सुनीता टम्टा, राधा लोहनी, भावना रावत, इंदिरा जोशी, पूनम जोशी, तायरा बानो, ललिता असवाल आदि ने आंदोलन की चेतावनी दी है।