बागेश्वर। गिरते स्वास्थ्य के बावजूद कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास समाज कल्याण और परिवहन मंत्री के रूप में बेहतरीन कार्य कर रहे थे। पिथौरागढ़ और पौड़ी के प्रभारी जिला मंत्री के रूप में भी वह अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे थे। निधन से कुछ घंटे पहले तक वह कार्यकर्ताओं के साथ विकास का खाका तैयार करने में मशगूल थे।
विधायक प्रतिनिधि मनोज ओली ने बताया कि मंगलवार को काफलीगैर में कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने आवास पर पहुंचे। जहां रात के दस बजे तक उन्होंने बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी, परिवहन और समाज कल्याण की ही बातें की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने जिले के एक-एक कार्यकर्ता के बारे में जानकारी ली। फिर अपनी दिनचर्या की जानकारी देने लगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद सबसे पहले पिथौरागढ़ की जिला योजना की बैठक कर दी है, अब परसों को पौड़ी की बैठक करनी है। हालांकि इस दौरान उन्हें थकान के चलते हल्का बुखार हो गया था।
मनोज बताते हैं कि बुधवार सुबह उन्हें बुखार था, तो उन्होंने मुझे (मनोज) जिला योजना की बैठक में जाने को कहा। तब यह आभास नहीं था कि हालात इतने बिगड़ जाएंगे। कुछ देर बाद ही उनके निधन की मनहूस खबर सुनने को मिली।
वाकपटुता था मजबूत हथियार
बागेश्वर। भाजपा के जिला मंत्री रवि करायत कहते हैं कि चंदन राम दास सुलझे नेता थे। उन्हें गुस्सा करते कम ही देखा जाता था। अपनी वाकपटुता से वह सामने वाले को मुरीद बना लेते थे। कार्यकर्ताओं से जिस खूबी से वह काम निकलवाते थे, वह विशेष था। किसी से नाराजगी भी होती तो वह जाहिर नहीं होने देते और अपनी वाणी की कुशलता से सामने वाले को निरुत्तर कर देते थे। उनकी कार्यकुशलता और कार्यकर्ताओं के साथ अपनत्व का भाव सदैव याद रहेगा।