बागेश्वर के संस्थागत क्वारंटीन में जांच करतीं चिकित्सक। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : AMAR UJALA
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। बागेश्वर में कारपेंटर का काम कर रहे उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के युवक और किशोरों को किराए के कमरे में आना भारी पड़ गया। ये चारों लोग लॉकडाउन के बाद से अपने कार्यस्थल पर रह रहे थे। बृहस्पतिवार को नहाने के लिए किराए के कमरे में जा रहे थे तो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इन लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद ऐहतियातन 14 दिन के लिए बागेश्वर के संस्थागत क्वारंटीन में रख दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के रायपुर टांडा निवासी सरफराज (18) पुत्र भूरा, शहादत अली (29) पुत्र नबी हुसैन, सुलतानपुर निवासी सानिब (16) पुत्र तसलीम अहमद, सुलेमान (24) पुत्र तसलीम अहमद बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे जिला मुख्यालय के पास बिलौना से गुजर रहे थे। चार लोगों को एक साथ जाते देख, पुलिस ने पूछताछ की तो इन लोगों ने बताया कि वह लोग जिला मुख्यालय के नदीगांव में किसी व्यक्ति के वहां काम करते हैं। बिलौना में उनका कमरा है, वहां नहाने जा रहे थे। पुलिस ने एहतियात बरतते हुए चारों का मौके पर ही स्वास्थ्य परीक्षण कराया और जांच के लिए जिला अस्पताल ले गई। अस्पताल में भी इन लोगों की जांच हुई। प्रशासन ने भी इन लोगों से पूछताछ की। केओएमवीएन के क्वारंटीन में डा. एजल पटेल, डॉ. दीप्ति रावत ने इन लोगों की जांच की। डॉक्टरों ने बताया कि इन लोगों में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं। चारों को क्वारंटीन कर दिया गया। इनमें से सरफराज दिसंबर 2019 से यहां रह रहा है। अन्य तीन लोग 20 मार्च को बागेश्वर पहुंचे थे। अब संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों की संख्या 20 हो गई है।