बागेश्वर पुलिस की अभिरक्षा से भागा वारंटी दबोचा।
बागेश्वर। पुलिस और एसओजी की 21 सदस्यीय टीम ने तीन दिन की मशक्कत के बाद दो मई को पुलिस अभिरक्षा से फरार वारंटी को आखिर दबोच ही लिया। हालांकि आरोपी ने पकड़े जाने से पहले पुलिस टीम को नगर, नदी, गांव और पहाड़ों में खूब भगाया।
शुक्रवार को सीओ अंकित कंडारी ने कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एनडीपीएस के वारंटी धीरज थापा को बीते मंगलवार को पुलिस गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले गई थी। इसी दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर कोतवाल कैलाश सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
टीम ने तीन दिनों तक फरार वारंटी की तलाश में नुमाइशखेत, चंडिका मंदिर, नई बस्ती, चौरासी, भुरचुनियाधार, दफौट, पाटन, मोहननगर, मालता, मेहनरबूंगा, पगना और गाड़गांव में तलाशी अभियान चलाया। खोजबीन में ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई। दिन-रात पुलिस भागदौड़ करती रही लेकिन वारंटी पकड़ से दूर रहा। आखिरकार शुक्रवार की रात को आरोपी के गाड़गांव में होने की सूचना मिलने पर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। रात के 10 बजकर 27 मिनट पर फरार धीरज को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 224 के तहत भी केस दर्ज किया है।
लापरवाही की होगी जांच
बागेश्वर। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए वारंटी के पकड़ में आने के बाद अब पुलिस की लापरवाही की जांच होगी। सीओ कंडारी ने कहा कि मामले की जांच के बाद अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।