कपकोट में नहर की मरम्मत करते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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कपकोट/बागेश्वर। बीते दिनों हुई तेज बारिश से कपकोट गांव में सिंचाई करने वाली नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने विभाग का मुंह ताकने के बजाय खुद ही नहर की मरम्मत करने का निर्णय लिया और श्रमदान से नहर की मरम्मत कर खेतों में पानी चला दिया। ग्रामीणों के इस कार्य की सराहना हो रही है।
बीते 11 जून को तेज बारिश की वजह से कपकोट गांव में सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति करने वाली लोअर नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। बारिश से नहर की दीवार टूट गई और पानी रोकने के लिए लगाया गया प्लास्टिक भी बह गया। पूरे गांव की सिंचाई करने वाली तीन किलोमीटर लंबी नहर टूटने के बाद सिंचाई के लिए खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। गर्मी बढ़ने से खेतों में सब्जी और फसल के सूखने की संभावना के चलते लोगों ने विभाग से मरम्मत करने की गुहार लगाने के बजाय खुद ही श्रमदान से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत का कार्य शुरु कर दिया।
करीब 50 ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान नवीन कपकोटी के नेतृत्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश कपकोटी और सभासद गोविंद कपकोटी के साथ मिलकर नहर की मरम्मत कर रविवार को खेतों में पानी पहुंचा दिया। ग्रामीणों के इस कार्यों के आसपास के क्षेत्रों में लोग सराहना कर रहे हैं। श्रमदान करने वालों में बलवंत सिंह कपकोटी, महिमन बिष्ट, हरीश कपकोटी, राम चंद्र जोशी, तारा कपकोटी आदि शामिल थे।