बागेश्वर। कपकोट नगर पंचायत में बन रहे जिले के पहले बहुउद्देश्यीय उज्ज्वला भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। 31 मार्च तक निर्माण पूरा होने के बाद भवन नगर पंचायत को हस्तांतरित हो जाएगा। बहुउद्देश्यीय भवन के बनने से जहां क्षेत्रवासियों को कई सुविधाएं मिलेंगी। नगर पंचायत की आय बढ़ाने में भी भवन कारगार साबित होगा।
25 फरवरी 2019 को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन लोकसभा सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने उज्ज्वला भवन का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। 2.40 करोड़ की स्वीकृत लागत के सापेक्ष उस समय नगर पंचायत को 1.06 करोड़ की राशि मिली थी। भवन के निर्माण के लिए ओएनजीसी की ओर से बजट उपलब्ध कराया गया और कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल इसका निर्माण करा रही है। शुभारंभ के समय एक साल में भवन का निर्माण किए जाने की योजना थी हालांकि कोविड महामारी के कारण कार्य में देरी होती रही। वर्ष 2022 में ओएनजीसी की ओर से 1.03 करोड़ की दूसरी किश्त नगर पंचायत को मिली। बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और इन दिनों जोरों से भवन में टाइल बिछाने, रंग रोगन और दरवाजे, खिड़की बनाने का कार्य चल रहा है।
कई उद्देश्यों की होगी पूर्ति
बागेश्वर। उज्ज्वला भवन में ग्राउंड फ्लोर समेत तीन फ्लोर बनाए गए हैं। ग्राउंड फ्लोर को हॉल का रूप दिया गया है। इस हॉल में सेमिनार, बैठक, सार्वजनिक समारोह, शादी-विवाह आदि का आयोजन किया जा सकेगा। फर्स्ट फ्लोर को अतिथि गृह का रूप दिया गया है जहां अतिथियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। सेकेंड फ्लोर में वीआईपी के रहने के लिए कमरे बनाए गए हैं। राज्य या कैबिनेट मंत्री या अन्य वीआईपी के ठहरने की इन कमरों में व्यवस्था की जाएगी।
उज्ज्वला भवन का निर्माण करा रही कंपनी के लिए 31 मार्च तक हर हाल में काम पूरा कर भवन नगर पंचायत को हस्तांतरित करने की समय सीमा तय की गई है। बहुुउद्देश्यीय भवन से क्षेत्रवासियों को लाभ मिलेगा और सीमित संसाधन से आय अर्जित करने वाली नगर पंचायत के आय के स्रोत भी बढ़ेंगे।
- गोविंद सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष, कपकोट।