बागेश्वर। सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी की अदालत ने दुर्घटना के दोषी चालक पर दोषसिद्ध कर ढाई हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। जुर्माने की राशि पीड़ित पक्ष को अदा की जाएगी।
चौपलाड़ी, मंडलसेरा निवासी जीवन गिरी 26 अक्तूबर 2021 को स्कूटी पर सवार होकर दो बच्चों को छोड़ने स्कूल जा रहे थे कि तभी भाजपा कार्यालय के पास बोलेरो यूके 02 टीए 1101 ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी पर सवार जीवन समेत तीनों परिजन घायल हुए। घायल जीवन के पिता प्रेम गिरी ने 29 अक्तूबर 2021 को ग्राम ढूंगा, मालता निवासी बोलेरो चालक इंद्र सिंह के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। इस आधार पुलिस ने धारा 279, 337, 338 के तहत केस दर्ज किया।
एसआई खुशवंत सिंह ने मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से नामिका अधिवक्ता नंदकिशोर भट्ट ने मामले की पैरवी कर आठ गवाह पेश कराए। न्यायालय ने आरोपी को धारा 279 के तहत एक हजार रुपये, धारा 337 में 500 रुपये और 338 में एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो महीने का साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। मामले में प्रतिकर के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में वाद लंबित है।
इनसेट
मारपीट का आरोपी दंपती दोषमुक्त
अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा रिंकी साहनी की अदालत ने मारपीट के आरोपी दंपती को दोषमुक्त किया है। आरोपी के अधिवक्ता रोहित कार्की ने बताया कि स्थानीय निवासी जगमोहन सिंह बिष्ट ने चार नवंबर 2021 को एनटीडी चौकी में पड़ोसी कैलाश तिवारी और उसकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी थी। सुनवाई के दौरान सभी पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद न्यायालय ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। संवाद
चेक बाउंस का आरोपी दोषमुक्त
अल्मोड़ा। न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभांगी गुप्ता की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी पंकज सिंह अधिकारी को दोषमुक्त करार दिया है। आरोपी के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह मेहता और दीपेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि परिवादी जीवन पांडे ने 13 नवंबर 2019 को आरोपी पंकज के विरुद्ध धारा 138 एनआईएक्ट का एक परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया था। बताया कि आरोपी टैक्सी संचालक है। उन्होंने आरोपी से 3,10,424 रुपये में वाहन का सौदा किया। इस पर श्रीराम फाइनेंस कंपनी का कर्ज बकाया था। दोनों में तय हुआ कि इस कर्ज की शेष राशि 2,70,424 रुपये आरोपी फाइनेंस कंपनी में अदा करेगा। तभी वाहन ट्रांसफर करने के लिए एनओसी दी जाएगी। ऐसा न करने पर वादी को भुगतान करना पड़ा। किश्त जमा करने के लिए आरोपी ने उन्हें जिला सहकारी बैंक के दो चेक दिए। बैंक में जमा करने पर दोनों चेक बाउंस हो गए। यह मामला न्यायालय में सुना गया। मंगलवार को सुनवाई हुई। सभी पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। संवाद