बागेश्वर। प्रदेश के समाज कल्याण, परिवहन, खादी ग्रामोद्योग मंत्री चंदन राम दास (66) का निधन हो गया है। वह मंगलवार की रात को ही बागेश्वर पहुंचे थे। बागेश्वर विधानसभा सीट से लगातार चार बार के विधायक दास के निधन से पूरा जिला शोक में डूब गया है। उनके निधन पर सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। मंत्री का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को राजकीय सम्मान के साथ बागेश्वर के सरयू श्मशान घाट पर किया जाएगा।
मंगलवार की रात को मंत्री चंदन राम दास पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा भ्रमण के बाद बागेश्वर पहुंचे थे। उनके साथ पत्नी पार्वती दास भी थीं। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे बागेश्वर के भागीरथी स्थित आवास पर दास की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजनों और उनके स्टाफ ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को मंत्री की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। जिला अस्पताल से डाक्टर और स्टाफ को उनके आवास पर भेजा गया। डॉक्टरों ने घर पर ही प्राथमिक इलाज किया। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से उन्हें ऑक्सीजन दी गई। इसके बाद मंत्री को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। दोपहर 1:02 बजे एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची। 1:04 बजे मंत्री को एंबुलेंस से आईसीयू वार्ड में ले जाया गया।
मंत्री जब अस्पताल पहुंचे तो उनकी नब्ज नहीं मिल रही थी। डॉक्टर ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि उनके शरीर के सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। दोपहर करीब दो बजे सीएमओ डॉ. डीपी जोशी ने मंत्री को मृत घोषित कर दिया।
मंत्री दास करीब 15-16 वर्ष से बीमार चल रहे थे। उनके शरीर में खून नहीं बनता था। उन्हें बार-बार खून चढ़ाना पड़ता था। वर्ष 2022 के चुनाव से पहले से उनकी तबीयत अधिक खराब रहने लगी थी। चुनाव अभियान में भी वह काफी कम हिस्सा ले पाए थे। उनके चुनाव की पूरी कमान पार्टी के हाथों में थी। चुनाव के बाद उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी। उनका दिल्ली से इलाज चल रहा था। बीमारी के कारण मंत्री सितंबर के बाद मंगलवार को बागेश्वर आए थे। मंत्री दास अपने पीछे पत्नी पार्वती दास, बेटे गौरव दास, भास्कर दास और दो बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।